वैश्विक प्रतिबंध निगरानी संस्था कैस्टेलम के आंकड़ों से पता चलता है कि बीते 22 फरवरी से अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों द्वारा रूस पर 2778 नए प्रतिबंध लगाए गए जिसके साथ ही रूस पर लगने वाले कुल प्रतिबंधों की संख्या 5530 तक पहुंच गई है। ...
साल 2022 में कच्चे तेल के दामों में 25 फीसदी से ज्यादा का उछाल आ चुका है। 1 दिसंबर, 2021 को कच्चे तेल के दाम 68.87 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब 130 डॉलर प्रति बैरल के कारोबार को पार कर गया है। ...
यूरोपीय संघ के सदस्य देशों सहित 22 राजनयिक मिशनों के प्रमुखों ने 1 मार्च को एक संयुक्त पत्र जारी कर पाकिस्तान से यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता की निंदा करने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव का समर्थन करने का आग्रह किया था। ...
जंग के नौंवे दिन रूसी सेना की गोलीबारी से यूरोप के सबसे बड़े जपोजिरिया न्यूक्लियर पॉवर प्लांट में आग लग गई थी. जिस पर Ukraine की State Emergency Services ने कुछ ही घंटों में काबू पा लिया. न्यूक्लियर पॉवर प्लांट निदेशक अलेक्जेंडर स्टारुख ने भी कहा कि ...
अमेरिकी संसद भवन में हुई हिंसा मामले की जांच कर रही संसद की एक समिति ने कहा कि समिति के पास यह मानने के पर्याप्त सबूत हैं कि राष्ट्रपति और उनके अभियान में साथ देने वालों ने अमेरिका को धोखा देने की आपराधिक साजिश रची। ...
मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के सभी 31 सदस्य देशों ने अपने रणनीतिक भंडारों से 6 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई थी। अमेरिकी मानक कच्चे तेल का दाम 5.24 डॉलर प्रति बैरल बढ़कर 108.60 पर पहुंच गया। ...
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अपने पूरे इतिहास में हमने यह सबक सीखा है कि जब तानाशाह को अपनी आक्रामकता की कीमत नहीं चुकानी पड़ती, तो वे और अधिक अराजकता फैलाने लगते हैं। ...
भारत यूक्रेन के खिलाफ रूस के हमले पर संयुक्त राष्ट्र महासभा का विशेष आपातकालीन सत्र बुलाने संबंधी एक प्रस्ताव पर मतदान से दूर रहा था। इससे पहले भी यूक्रेन के खिलाफ रूसी हमले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव पर हुए मतदान में भारत शामिल ...