आतंकी या आतंकवादी, ये पूरी दुनिया के लिए परेशानी की वजह हैं। ये वो लोग हैं जो दुनियाभर में दशहत का माहौल फैलाना चाहते हैं। वे इसके लिए वे हथियार, गोला-बारूद, बंदूक का इस्माल करते हैं। आमतौर पर इनका संगठन होता है, जैसे मौजूदा दौर का सबसे बड़ा आतंकी संगठन आईएसआईएस यानी इस्लामिक स्टेट है। इसके अलावा तालिबान, लश्कर ए तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन आदि प्रमुख आतंकी संगठन है। जबकि अब तक के सबसे बड़े आतंकी के तौर पर ओसमा बिन लादेन को जाना जाता है। Read More
श्रीनगर में सुरक्षाबलों ने कल देर रात दो आतंकियों को मार गिराया। पाकिस्तानी कमांडर अब्दुल्ला गोजरी और लश्कर का स्थानीय कमांडर मुसैब अमरनाथ यात्रा पर हमला करने की फिराक में था। ...
कश्मीर में इस वर्ष अब तक सुरक्षाबलों ने 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया है। मारे गए कुल आतंकियों में 71 स्थानीय और 29 विदेशी हैं। इनमें सबसे ज्यादा 63 आतंकी लश्कर-ए-तैयबा और उसका हिट स्क्वाड कहे जाने वाले द रजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ से जुड़े हुए थे ...
जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों द्वारा कुलगाम में शुक्रवार को रात भर चली मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के एक आतंकी को मारा गया जबकि पुलवामा में रविवार तड़के तक कुल तीन आतंकी मारे गए हैं। ...
जितेंद्र त्यागी ने यूपी सीएम को लिखे पत्र में कहा है, इस्लाम के संबंध में कुछ तथ्य, साक्ष्य सहित रखने के बाद पूरी दुनिया का कट्टरपंथी मुसलमान मेरी हत्या कर सच को छुपाने के लिए, इस्लाम के अंतर्गत निर्धारित कुछ भी बोलने की सजा गर्दन काट देने की धमकी लग ...
भारत में ढाई दशक से चले आ रहे पाक प्रायोजित छाया युद्ध के खिलाफ 1960 में हुए सिंधु जल समझौते को रद्द करने की अब जरूरत आन पड़ी है, क्योंकि आपसी विश्वास और सहयोग से ही कोई समझौता स्थायी बना रह सकता है। ...
आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि चकतरास कुपवाड़ा में आज सुबह मारे गए लश्करे तौयबा के दोनों आतंकियों की पहचान कर ली गई है। इनमें एक पाकी आतंकी तुफैल और दूसरा दक्षिण कश्मीर के त्राल का रहने वाला इश्तियाक लोन है। लोन कुछ समय पहले ही आतंकी बना था। ...
सोमवार बारामूला जिले के सोपोर शहर में एक मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का एक और आतंकवादी मारा गया। जबकि तीन आतंकवादी मौके से भाग गये। पाकिस्तानी आतंकी के पास से बरामद दस्तावेजों के मुताबिक उसका नाम हंजाला था और वह लाहौर का रहने वाला था। ...
Kheer Bhawani Mela 2022: कश्मीर में टारगेट किलिंग को देखते हुए कई कश्मीरी पंडित संगठनों ने इसमें इस साल हिस्सा लेने से मना कर दिया है। इस पर उनका कहना है कि हालात 1990 से भी बदतर है। ...