सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
नागरिकता संशोधन कानून के अनुसार हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के जो सदस्य 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं और जिन्हें अपने देश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना पड़ा है, उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएग ...
Special Force for courts: देश भर की अदालतों की सुरक्षा के लिए विशेष बल गठित किए जाने की मांग को लेकर दाखिल हुई पीआईएल पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगी सरकारों की प्रतिक्रिया ...
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो के हालिया आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2015 में 42.39 में किशोर अपराधियों की पारिवारिक आय 25,000 रुपये से कम थी। ...
असम के नेता प्रतिपक्ष, अब्दुल खालेक, बारपेटा से लोकसभा सांसद और मरियानी विधान सभा क्षेत्र के विधायक रूपज्योति कुर्मी ने भी आज इस कानून को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। ...
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने नौ दिसंबर को अधिकारियों को 13 दिसंबर तक चारों शवों को संरक्षित करने का आदेश दिया था। इससे पहले, उच्च न्यायालय ने छह दिसंबर को शवों को नौ दिसंबर को आठ बजे तक सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। ...
हैदराबाद एनकाउंटरः न्यायालय ने तीन सदस्यीय जांच आयोग को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की सुरक्षा मुहैया कराने का भी आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि रिपोर्ट पेश करने की छह महीने की समय-सीमा आयोग के समक्ष सुनवाई शुरू होने के पहले दिन से शुरू होगी। ...
अनुच्छेद 370: न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने कहा, ‘‘हम सभी पक्षकारों की शुरूआती दलीलें सुनने के बाद ही इस विषय को वृहद पीठ के पास भेजने के सवाल पर विचार कर सकते हैं।’’ ...