शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित कार्यकर्ता हैं। मामा के नाम से फेमस चौहान ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए भाजपा को जीत दिलाई। Read More
सरकार गिराने के लिए भाजपा द्वारा षडयंत्र किए जाने के कमलनाथ के आरोपों पर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं 13 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके चौहान ने कहा, ‘‘भाजपा कभी सत्ता गिराने बचाने के खेल में नहीं रही। अपने बो ...
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्यप्रदेश विधानसभा में शुक्रवार दोपहर दो बजे होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले ही कमलनाथ ने हाथ खड़े कर दिए. फ्लोर टेस्ट से पहले ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री के पद से अपना इस्तीफा प्रदेश के राज्यपाल लालज ...
एक तरफ जहां देश और दुनिया कोरोना वायरस के दंश को झेल रहा है। एक जगह पर ज्यादा लोगों को जमा होने से प्रशासन द्वारा मना किया जा रहा है। ऐसे में बीजेपी दफ्तर में एक साथ इतने लोगों के जमा होने को लेकर लोग सोशल मीडिया पर आलोचना कर रहे हैं। ...
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा कभी भी सरकार गिराने और बचाने के खेल में नहीं रही। उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस के मित्र ही प्रदेश की बदहाली देखकर नाराज हो गए। ...
भाजपा विधायक अरविंद भदौरिया ने कहा कि प्रदेश में भाजपा को निर्दलीय, बसपा और सपा विधायकों का समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा, ‘‘लगभग सभी निर्दलीय विधायक हमारे साथ हैं। सपा और बसपा के विधायक पहले से ही हमारे साथ थे, फिलहाल वे यहां नहीं हैं लेकिन हमारी उन ...
इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि 'मैं पूरी शक्ति के साथ, पूरे बल के साथ मध्य प्रदेश के विकास के लिए प्रयास करता रहूंगा'। मध्य प्रदेश में उलटफेर के बीच कांग्रेस राज्यसभा चुनाव एक सीट हार सकती है। मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए स ...
कमलनाथ के अपने इस्तीफे के ऐलान के पहले कहा, पिछले 15 महीने का काम गिनाकर बीजेपी को कोस रहे हैं सीएम कमलनाथ। अपने सरकार को अस्थिर करने का बीजेपी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी नहीं चाहती थी कि राज्य सरकार अच्छा काम करे। ...
मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र का मज़ाक बना कर रख दिया था! वल्लभ भवन को दलालों के अड्डा बना दिया था। शराब माफिया, रेत और परिवहन माफिया हावी हो रहे थे। कानून और व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई थी। अल्पमत की सरकार प्रदेश में नियुक्तियाँ और तबादल ...