पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल राष्ट्र है जो 1947 में भारत से टूटकर बना था। पाकिस्तान के राष्ट्रपिता मोहम्मद अली जिन्ना माने जाते हैं। पाकिस्तान ने लोकतांत्रिक शासन प्रणाली अपनाई हुई है लेकिन वहां की राजनीति में सेना का दखल ज्यादा होता है। 1972 में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) ने बगावत की और एक अलग मुल्क बन गया। इस तरह पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीएमएल-एन नेता नवाज शरीफ भ्रष्टाचार के आरोप में सजा का काट रहे हैं। 2018 के आम चुनाव में इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और गठबंधन की सरकार बनना लगभग तय है। Read More
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में ‘लेजिस्लेटिव असेंबली’ को संबोधित करते हुए खान ने यह भी आरोप लगाया कि मोदी ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि चुनावों में पाकिस्तान को बलि का बकरा बनाकर उन्होंने जनादेश प्राप्त किया था। ...
शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए वोरा ने कहा कि रेल टिकटों की कालाबाजारी के तार पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा अन्य देशों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि हर दिन लंबी दूरी की 3000 से अधिक ट्रेनें चलती हैं और 12 लाख से अधिक टिकट कन्फर्म होते हैं। ...
यहां छात्रों के एक सवाल के जवाब में इमरान ने कहा, "जब मैं प्रधानमंत्री बना तो मैंने सबसे पहले भारत से संपर्क किया। मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने समर्थन का यकीन दिलाते हुए कहा था कि हम अपने संबंधों को बेहतर बनाने के लिए जो कुछ हो सकेगा, करें ...
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने पहले बताया था कि चीन में पाकिस्तान के करीब 30,000 छात्र हैं, जिनमें 500 छात्र वुहान में है। इसके अलावा कई कारोबारी शख्स चीन में हैं। ...
एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सिंह ने कई भारतीय राजनयिक मिशन पर दस नए रक्षा विंग स्थापित करने की घोषणा भी की है ताकि और अधिक रक्षा अताशे की नियुक्ति की जा सके। ...
वायरल वीडियो में एक पाकिस्तानी छात्र ने कहा कि जहां भारत अपने नागरिकों को वापस निकाल रहा है वहीं पाकिस्तानी सरकार कह रही है कि “तुम जियो या मरो हम तुम्हें न निकालेंगे न उबारेंगे।” वायरल हो रहे एक वीडियो में छात्र ने कहा, “पाकिस्तान सरकार शर्म करो। ...
रक्षा राज्य मंत्री श्रीपाद यसो नाइक ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सियाचिन क्षेत्र में हिमपात और हिमस्खलन की वजह से साल 2019 में छह सैन्यकर्मी हताहत हुए। लेकिन इस वर्ष 24 जनवरी 2020 तक ऐसी कोई दुर्घटना नह ...