प्रज्ञा ने कहा, ‘‘मेरे बयान का संदर्भ अलग था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक सदस्य ने सार्वजनिक तौर पर मुझे आतंकवादी कहा। तत्कालीन सरकार ने मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा था। मेरे खिलाफ अदालत में कोई आरोप साबित नहीं हुआ। मुझे एक संन्यासी, महिला और सांसद होने के बाद भी आतंकी कहकर अपमानित करने का प्रयास किया गया।’’ प्रज्ञा के बयान के बीच ही विपक्ष के सदस्य खड़े होकर विरोध जताने लगे। भाजपा के सदस्य प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बचाव में खड़े नजर आए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि केवल यह देश ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व गांधीजी के आदर्शों और विचारों का सम्मान करता है। इस विषय पर अब राजनीति नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा ‘‘मैंने पहले ही कहा था कि मेरी जिम्मेदारी है कि गांधीजी के बारे में कोई भी टिप्पणी रिकार्ड में नहीं जाए।’’ बिरला ने कहा, ‘‘गांधीजी की हत्या के मामले में सदन में, सदन के बाहर किसी को भी महिमामंडित करने की इजाजत नहीं है।’’ संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि सदस्य (प्रज्ञा सिंह ठाकुर) ने स्पष्ट रूप से माफी मांग ली है, अब इस विषय पर चर्चा की जरूरत नहीं है। विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।कांग्रेस , तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, वाम दलों समेत विपक्षी दल के सदस्य आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे। गौरतलब है कि प्रज्ञा ने बुधवार को लोकसभा में एसपीजी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान उस वक्त विवादित टिप्पणी की थी जब द्रमुक सदस्य ए राजा बोल रहे थे।प्रज्ञा की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं किया गया था। कांग्रेस समेत विपक्षी सदस्यों ने बृहस्पतिवार को भी इस विषय को सदन में उठाया। गौरतलब है कि प्रज्ञा के लोकसभा में दिए गए विवादित बयान को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरूवार को ट्वीट किया था, ‘‘आतंकवादी प्रज्ञा ने आतंकवादी गोडसे को देशभक्त बताया। यह भारत के संसद के इतिहास का एक दुखद दिन है।’’ भाजपा के निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रज्ञा को आतंकी कहा था अत: कांग्रेस को भी इस मामले में माफी मांगनी चाहिए।", "articleBody":"भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के लोकसभा में दिये गये बयान के मुद्दे पर चर्चा के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों के नेताओं की बैठक दोपहर 1:15 बजे अपने चैंबर में बुलाई है।भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में की गयी अपनी विवादित टिप्पणी के लिए शुक्रवार को सदन में माफी मांगी और कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। हालांकि कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों ने उनके बयान पर पुरजोर विरोध जताया और प्रदर्शन जारी रखा।प्रज्ञा ने यह भी कहा कि देश के लिए महात्मा गांधी के सेवाकार्यों का वह सम्मान करती हैं लेकिन ‘‘अदालत में मेरे खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं होने के बाद भी एक सदस्य ने सार्वजनिक तौर पर मुझे आतंकवादी कहा।’’ भोपाल से भाजपा सदस्य प्रज्ञा ने कहा, ‘‘बीते घटनाक्रम में मेरी टिप्पणी से किसी को किसी भी प्रकार की ठेस पहुंची हो तो मैं खेद जताते हुए क्षमा चाहती हूं।’’ उन्होंने कहा कि संसद में दिये गये उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया जो निंदनीय है।

Lok Sabha Speaker Om Birla: This House doesn't permit to glorify the matter of assassination of Mahatma Gandhi whether in this House or outside. Yesterday the Defence Minister gave the clarification on behalf of the government. The MP (Pragya Singh Thakur) has apologised too. https://t.co/v1k0A138Rf

— ANI (@ANI) November 29, 2019
प्रज्ञा ने कहा, ‘‘मेरे बयान का संदर्भ अलग था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक सदस्य ने सार्वजनिक तौर पर मुझे आतंकवादी कहा। तत्कालीन सरकार ने मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा था। मेरे खिलाफ अदालत में कोई आरोप साबित नहीं हुआ। मुझे एक संन्यासी, महिला और सांसद होने के बाद भी आतंकी कहकर अपमानित करने का प्रयास किया गया।’’ प्रज्ञा के बयान के बीच ही विपक्ष के सदस्य खड़े होकर विरोध जताने लगे। भाजपा के सदस्य प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बचाव में खड़े नजर आए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि केवल यह देश ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व गांधीजी के आदर्शों और विचारों का सम्मान करता है। इस विषय पर अब राजनीति नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा ‘‘मैंने पहले ही कहा था कि मेरी जिम्मेदारी है कि गांधीजी के बारे में कोई भी टिप्पणी रिकार्ड में नहीं जाए।’’ बिरला ने कहा, ‘‘गांधीजी की हत्या के मामले में सदन में, सदन के बाहर किसी को भी महिमामंडित करने की इजाजत नहीं है।’’ संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि सदस्य (प्रज्ञा सिंह ठाकुर) ने स्पष्ट रूप से माफी मांग ली है, अब इस विषय पर चर्चा की जरूरत नहीं है। विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।कांग्रेस , तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, वाम दलों समेत विपक्षी दल के सदस्य आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे। गौरतलब है कि प्रज्ञा ने बुधवार को लोकसभा में एसपीजी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान उस वक्त विवादित टिप्पणी की थी जब द्रमुक सदस्य ए राजा बोल रहे थे।प्रज्ञा की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं किया गया था। कांग्रेस समेत विपक्षी सदस्यों ने बृहस्पतिवार को भी इस विषय को सदन में उठाया। गौरतलब है कि प्रज्ञा के लोकसभा में दिए गए विवादित बयान को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरूवार को ट्वीट किया था, ‘‘आतंकवादी प्रज्ञा ने आतंकवादी गोडसे को देशभक्त बताया। यह भारत के संसद के इतिहास का एक दुखद दिन है।’’ भाजपा के निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रज्ञा को आतंकी कहा था अत: कांग्रेस को भी इस मामले में माफी मांगनी चाहिए।","keywords":"Parliament Winter Session,Om Birla,Bharatiya Janata Party (BJP),modi government,Congress,bhopal,संसद शीतकालीन सत्र,ओम बिरला,भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी),मोदी सरकार,कांग्रेस,भोपाल,Parliament Winter Session,संसद शीतकालीन सत्र"},{"@context": "https://schema.org","@type": "NewsArticle","mainEntityOfPage":{"@type":"WebPage","@id":"https://www.lokmatnews.in/india/all-former-prime-ministers-and-family-members-should-be-provided-lifetime-security-of-spg-congress/"},"headline": "सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों और परिजनों को एसपीजी की सुरक्षा आजीवन प्रदान की जानी चाहिएः कांग्रेस","url":"https://www.lokmatnews.in/india/all-former-prime-ministers-and-family-members-should-be-provided-lifetime-security-of-spg-congress/","image": { "@type": "ImageObject", "url": "https://d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net/sm/images/686x514/ekyijbkvaaelrnl_201911129935.png", "height": 514, "width": 686 },"thumbnailUrl":"https://d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net/sm/images/120x90/ekyijbkvaaelrnl_201911129935.png","datePublished": "1970-01-01T05:30:00+05:30","dateModified": "1970-01-01T05:30:00+05:30","dateCreated": "1970-01-01T05:30:00+05:30","author": {"@type": "Person","name": "भाषा"},"publisher":{"@type":"Organization","name":"Lokmat News Hindi","legalName":"Lokmat Media Private Limited","logo":{"@type":"ImageObject","url":"https:\/\/d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net\/sm\/assets\/images\/lokmatnews-logo-v0.6.png","width":224,"height":58}},"articleSection":"India", "description":"कांग्रेस ने हाल ही में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटाये जाने की पृष्ठभूमि में बुधवार को एसपीजी अधिनियम में संशोधन का विरोध किया और केंद्र सरकार से मांग की कि सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिजनों को विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की सुरक्षा आजीवन प्रदान की जानी चाहिए।कांग्रेस के मनीष तिवारी ने लोकसभा में ‘विशेष सुरक्षा समूह (संशोधन) विधेयक, 2019’ पर चर्चा में भाग लेते हुए आगाह किया कि इतिहास गवाह है कि जब जब ऐसे ‘नकारात्मक’ कदम उठाये गये उसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ा है।तिवारी ने सरकार से मांग की, ‘‘हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठना चाहिए और सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों तथा उनके परिजनों को आजीवन एसपीजी सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।’’ गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में एसपीजी संशोधन विधेयक चर्चा और पारित करने के लिए रखा। तिवारी ने कहा कि विशेष लोगों को उनकी जान पर खतरे के आकलन के आधार पर सुरक्षा दी जाती है लेकिन खुफिया तंत्र द्वारा किया गया यह आकलन वैज्ञानिक रूप से त्रुटिहीन तो नहीं होता।तिवारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का एसपीजी सुरक्षा हटाने के फैसले का खामियाजा देश ने उनकी हत्या के बाद भुगता। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की एसपीजी वापस लेना तत्कालीन वी पी सिंह सरकार का ‘‘राजनीतिक फैसला’’ था। कांग्रेस सदस्य ने कहा कि अब्राहम लिंकन, महात्मा गांधी, जे एफ केनेडी, मार्टिन लूथर किंग जूनियर, बेनजीर भुट्टो, बेअंत सिंह, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे कई देश-विदेश के सार्वजनिक जीवन में काम कर रहे लोगों की हत्या की गयी और उनके निर्णयों से प्रभावित लोगों ने इसकी साजिश रची।तिवारी ने प्रतिष्ठित हस्तियों की सुरक्षा पर खतरे के आकलन को ‘चुनिंदा’ तरीके से किये जाने का दावा करते हुए कहा, ‘‘अब सुरक्षा खतरे का आकलन राजनीतिक प्रक्रिया बन चुकी है।’’ उन्होंने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटाये जाने के सरकार के फैसले की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘क्या प्रधानमंत्री पद से हट जाने के बाद उन्हें, उनके परिवारों को उनके लिए गये निर्णयों की वजह से प्रभावित लोगों से चुनौती खत्म हो जाती है? ऐसा नहीं होता।’’तिवारी ने कहा कि जान लेने की साजिश रचने वाले लोग ऐसे समय की ही प्रतीक्षा करते हैं जब सुरक्षा चुस्त-दुरुस्त नहीं हो। उन्होंने कहा कि जो तर्क पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाते समय दिया गया था, वही आज भी सरकार दे रही है कि एसपीजी के पास इतनी क्षमता नहीं है।कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि जून 2019 तक गांधी परिवार को एसपीजी की ओर से सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए देश-विदेश में कई जगहों पर नहीं जाने की सलाह दी जाती रही लेकिन नवंबर 2019 तक अचानक क्या हो गया कि एसपीजी सुरक्षा की जरूरत ही खत्म हो गई। ", "articleBody":"कांग्रेस ने हाल ही में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटाये जाने की पृष्ठभूमि में बुधवार को एसपीजी अधिनियम में संशोधन का विरोध किया और केंद्र सरकार से मांग की कि सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिजनों को विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की सुरक्षा आजीवन प्रदान की जानी चाहिए।कांग्रेस के मनीष तिवारी ने लोकसभा में ‘विशेष सुरक्षा समूह (संशोधन) विधेयक, 2019’ पर चर्चा में भाग लेते हुए आगाह किया कि इतिहास गवाह है कि जब जब ऐसे ‘नकारात्मक’ कदम उठाये गये उसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ा है।तिवारी ने सरकार से मांग की, ‘‘हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठना चाहिए और सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों तथा उनके परिजनों को आजीवन एसपीजी सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।’’ गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में एसपीजी संशोधन विधेयक चर्चा और पारित करने के लिए रखा। तिवारी ने कहा कि विशेष लोगों को उनकी जान पर खतरे के आकलन के आधार पर सुरक्षा दी जाती है लेकिन खुफिया तंत्र द्वारा किया गया यह आकलन वैज्ञानिक रूप से त्रुटिहीन तो नहीं होता।तिवारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का एसपीजी सुरक्षा हटाने के फैसले का खामियाजा देश ने उनकी हत्या के बाद भुगता। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की एसपीजी वापस लेना तत्कालीन वी पी सिंह सरकार का ‘‘राजनीतिक फैसला’’ था। कांग्रेस सदस्य ने कहा कि अब्राहम लिंकन, महात्मा गांधी, जे एफ केनेडी, मार्टिन लूथर किंग जूनियर, बेनजीर भुट्टो, बेअंत सिंह, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे कई देश-विदेश के सार्वजनिक जीवन में काम कर रहे लोगों की हत्या की गयी और उनके निर्णयों से प्रभावित लोगों ने इसकी साजिश रची।तिवारी ने प्रतिष्ठित हस्तियों की सुरक्षा पर खतरे के आकलन को ‘चुनिंदा’ तरीके से किये जाने का दावा करते हुए कहा, ‘‘अब सुरक्षा खतरे का आकलन राजनीतिक प्रक्रिया बन चुकी है।’’ उन्होंने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटाये जाने के सरकार के फैसले की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘क्या प्रधानमंत्री पद से हट जाने के बाद उन्हें, उनके परिवारों को उनके लिए गये निर्णयों की वजह से प्रभावित लोगों से चुनौती खत्म हो जाती है? ऐसा नहीं होता।’’तिवारी ने कहा कि जान लेने की साजिश रचने वाले लोग ऐसे समय की ही प्रतीक्षा करते हैं जब सुरक्षा चुस्त-दुरुस्त नहीं हो। उन्होंने कहा कि जो तर्क पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाते समय दिया गया था, वही आज भी सरकार दे रही है कि एसपीजी के पास इतनी क्षमता नहीं है।कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि जून 2019 तक गांधी परिवार को एसपीजी की ओर से सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए देश-विदेश में कई जगहों पर नहीं जाने की सलाह दी जाती रही लेकिन नवंबर 2019 तक अचानक क्या हो गया कि एसपीजी सुरक्षा की जरूरत ही खत्म हो गई। ","keywords":"Parliament Winter Session,Congress,Bharatiya Janata Party (BJP),modi government,Om Birla,संसद शीतकालीन सत्र,कांग्रेस,भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी),मोदी सरकार,ओम बिरला,Parliament Winter Session,संसद शीतकालीन सत्र"},{"@context": "https://schema.org","@type": "NewsArticle","mainEntityOfPage":{"@type":"WebPage","@id":"https://www.lokmatnews.in/india/om-birla-said-all-are-eligible-for-congratulations-a-record-20-questions-were-asked-during-the/"},"headline": "ओम बिरला ने कहा- सभी बधाई के पात्र हैं, प्रश्नकाल में रिकॉर्ड 20 प्रश्न पूछे गए और मंत्रियों ने उत्तर दिए","url":"https://www.lokmatnews.in/india/om-birla-said-all-are-eligible-for-congratulations-a-record-20-questions-were-asked-during-the/","image": { "@type": "ImageObject", "url": "https://d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net/sm/images/686x514/ekxgx4hvaaauvko_201911129834.png", "height": 514, "width": 686 },"thumbnailUrl":"https://d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net/sm/images/120x90/ekxgx4hvaaauvko_201911129834.png","datePublished": "1970-01-01T05:30:00+05:30","dateModified": "1970-01-01T05:30:00+05:30","dateCreated": "1970-01-01T05:30:00+05:30","author": {"@type": "Person","name": "भाषा"},"publisher":{"@type":"Organization","name":"Lokmat News Hindi","legalName":"Lokmat Media Private Limited","logo":{"@type":"ImageObject","url":"https:\/\/d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net\/sm\/assets\/images\/lokmatnews-logo-v0.6.png","width":224,"height":58}},"articleSection":"India", "description":"लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान पिछले कुछ वर्षों में संभवत: सर्वाधिक 20 प्रश्न पूछे गये और मंत्रियों ने उनके उत्तर दिये। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस पर सदस्यों और मंत्रियों को बधाई दी।सदन में प्रश्नकाल के दौरान मौखिक प्रश्नों की सूची में अंकित सभी 20 प्रश्न पूछे गये और पूरक प्रश्नों के उत्तर भी दिये गये। इनमें जिन प्रश्नों के मूल प्रश्नकर्ता सदन में उपस्थित नहीं थे उनके उत्तर संबंधित मंत्रियों ने सदन के पटल पर रखे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पद संभालने के बाद से ही सदस्यों को अधिक से अधिक प्रश्न पूछने और मंत्रियों से संक्षिप्त उत्तर देने पर जोर देते रहे हैं।सामान्यत: प्रश्नकाल समाप्त होने तक पांच से दस प्रश्नों के उत्तर ही हो पाते हैं। बुधवार सुबह 11 बजे शुरू हुआ प्रश्नकाल 12 बजे समाप्त होने तक अध्यक्ष ने सभी प्रश्नों को पूरा कराया और कहा, ‘‘सदस्यों और सभी मंत्रियों के सहयोग से आज 20 प्रश्न पूरे कर लिये गये जिनके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।’’सभी दलों के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर इस पर खुशी जताई। बिरला ने कहा, ‘‘मैं आगे भी प्रयास करूंगा कि सदस्य पूरा प्रश्न पूछ सकें और मंत्री संक्षिप्त उत्तर दें। आशा है कि सदन आगे भी शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहेगा।’’ संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने भी इस पर हर्ष जताते हुए कहा कि लोकसभा के हाल के इतिहास में यह एक रिकॉर्ड है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज प्रश्नकाल में आधे घंटे से अधिक समय तक रहे। बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग आदि से संबंधित प्रश्न पूछे गये। लोकसभा अध्यक्ष बिरला सामान्य तौर पर विपक्षी दलों के शोर-शराबे के बीच भी प्रश्नकाल पूरा कराने का प्रयास करते हैं। इस सत्र में सिर्फ सोमवार को एक दिन प्रश्नकाल की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी जब कांग्रेस सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके तथा मार्शलों के बीच धक्कामुक्की की स्थिति बन गयी।  ", "articleBody":"लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान पिछले कुछ वर्षों में संभवत: सर्वाधिक 20 प्रश्न पूछे गये और मंत्रियों ने उनके उत्तर दिये। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस पर सदस्यों और मंत्रियों को बधाई दी।सदन में प्रश्नकाल के दौरान मौखिक प्रश्नों की सूची में अंकित सभी 20 प्रश्न पूछे गये और पूरक प्रश्नों के उत्तर भी दिये गये। इनमें जिन प्रश्नों के मूल प्रश्नकर्ता सदन में उपस्थित नहीं थे उनके उत्तर संबंधित मंत्रियों ने सदन के पटल पर रखे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पद संभालने के बाद से ही सदस्यों को अधिक से अधिक प्रश्न पूछने और मंत्रियों से संक्षिप्त उत्तर देने पर जोर देते रहे हैं।सामान्यत: प्रश्नकाल समाप्त होने तक पांच से दस प्रश्नों के उत्तर ही हो पाते हैं। बुधवार सुबह 11 बजे शुरू हुआ प्रश्नकाल 12 बजे समाप्त होने तक अध्यक्ष ने सभी प्रश्नों को पूरा कराया और कहा, ‘‘सदस्यों और सभी मंत्रियों के सहयोग से आज 20 प्रश्न पूरे कर लिये गये जिनके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।’’सभी दलों के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर इस पर खुशी जताई। बिरला ने कहा, ‘‘मैं आगे भी प्रयास करूंगा कि सदस्य पूरा प्रश्न पूछ सकें और मंत्री संक्षिप्त उत्तर दें। आशा है कि सदन आगे भी शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहेगा।’’ संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने भी इस पर हर्ष जताते हुए कहा कि लोकसभा के हाल के इतिहास में यह एक रिकॉर्ड है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज प्रश्नकाल में आधे घंटे से अधिक समय तक रहे। बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग आदि से संबंधित प्रश्न पूछे गये। लोकसभा अध्यक्ष बिरला सामान्य तौर पर विपक्षी दलों के शोर-शराबे के बीच भी प्रश्नकाल पूरा कराने का प्रयास करते हैं। इस सत्र में सिर्फ सोमवार को एक दिन प्रश्नकाल की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी जब कांग्रेस सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके तथा मार्शलों के बीच धक्कामुक्की की स्थिति बन गयी।  ","keywords":"Parliament Winter Session,Om Birla,modi government,Bharatiya Janata Party (BJP),Congress,Parliament,संसद शीतकालीन सत्र,ओम बिरला,मोदी सरकार,भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी),कांग्रेस,संसद,Parliament Winter Session,संसद शीतकालीन सत्र"},{"@context": "https://schema.org","@type": "NewsArticle","mainEntityOfPage":{"@type":"WebPage","@id":"https://www.lokmatnews.in/india/in-the-rajya-sabha-instead-of-a-uniform-like-a-martial-army-he-appeared-in-a-normal-turtleneck-suit/"},"headline": "राज्यसभा में मार्शल सेना जैसी वर्दी के बजाय सामान्य बंद गले के सूट में नजर आए लेकिन सर पर पगड़ी नहीं","url":"https://www.lokmatnews.in/india/in-the-rajya-sabha-instead-of-a-uniform-like-a-martial-army-he-appeared-in-a-normal-turtleneck-suit/","image": { "@type": "ImageObject", "url": "https://d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net/sm/images/686x514/eknkvsqvuaezvm4_201911129482.png", "height": 514, "width": 686 },"thumbnailUrl":"https://d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net/sm/images/120x90/eknkvsqvuaezvm4_201911129482.png","datePublished": "1970-01-01T05:30:00+05:30","dateModified": "1970-01-01T05:30:00+05:30","dateCreated": "1970-01-01T05:30:00+05:30","author": {"@type": "Person","name": "लोकमत न्यूज़ डेस्क"},"publisher":{"@type":"Organization","name":"Lokmat News Hindi","legalName":"Lokmat Media Private Limited","logo":{"@type":"ImageObject","url":"https:\/\/d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net\/sm\/assets\/images\/lokmatnews-logo-v0.6.png","width":224,"height":58}},"articleSection":"India", "description":"राज्यसभा में मार्शल सोमवार को सेना जैसी वर्दी के बजाय सामान्य बंद गले के सूट में नजर आए लेकिन उनके सर पर पगड़ी नहीं थी।पिछले सोमवार को, आसन के समीप मौजूद रहने वाले दोनों मार्शल गहरे रंग की सेना जैसी वर्दी तथा पी-कैप पहने हुए थे। नयी वर्दी की कुछ संसद सदस्यों तथा सेना के कुछ पूर्व अधिकारियों की ओर से आलोचना किये जाने के बाद सभापति एम वेंकैया नायडू ने मार्शलों के ड्रेस कोड की समीक्षा के आदेश दिए थे।आज सदन की बैठक शुरू होने पर आसन के दोनों ओर खड़े रहने वाले मार्शल सेना जैसी वर्दी के बजाय गहरे रंग के सामान्य बंद गले के सूट में नजर आए। बहरहाल, उनके सर पर पगड़ी नहीं थी। सेना जैसी वर्दी के बारे में राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया था कि पहले वाली वर्दी को लेकर, खास कर सर पर पहनी जाने वाली पगड़ी को लेकर मार्शल भी खुश नहीं थे।इसलिए वर्दी में बदलाव किया गया। नयी वर्दी का डिजाइन नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) ने तैयार किया था। सूत्रों ने यह भी कहा था कि तीन चार विधानसभा के मार्शलों की वर्दी का अध्ययन करने के बाद उच्च सदन के मार्शलों की नयी वर्दी डिजाइन की गई थी।", "articleBody":"राज्यसभा में मार्शल सोमवार को सेना जैसी वर्दी के बजाय सामान्य बंद गले के सूट में नजर आए लेकिन उनके सर पर पगड़ी नहीं थी।पिछले सोमवार को, आसन के समीप मौजूद रहने वाले दोनों मार्शल गहरे रंग की सेना जैसी वर्दी तथा पी-कैप पहने हुए थे। नयी वर्दी की कुछ संसद सदस्यों तथा सेना के कुछ पूर्व अधिकारियों की ओर से आलोचना किये जाने के बाद सभापति एम वेंकैया नायडू ने मार्शलों के ड्रेस कोड की समीक्षा के आदेश दिए थे।आज सदन की बैठक शुरू होने पर आसन के दोनों ओर खड़े रहने वाले मार्शल सेना जैसी वर्दी के बजाय गहरे रंग के सामान्य बंद गले के सूट में नजर आए। बहरहाल, उनके सर पर पगड़ी नहीं थी। सेना जैसी वर्दी के बारे में राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया था कि पहले वाली वर्दी को लेकर, खास कर सर पर पहनी जाने वाली पगड़ी को लेकर मार्शल भी खुश नहीं थे।इसलिए वर्दी में बदलाव किया गया। नयी वर्दी का डिजाइन नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) ने तैयार किया था। सूत्रों ने यह भी कहा था कि तीन चार विधानसभा के मार्शलों की वर्दी का अध्ययन करने के बाद उच्च सदन के मार्शलों की नयी वर्दी डिजाइन की गई थी।","keywords":"Parliament Winter Session,m venkaiah naidu,Om Birla,Parliament,modi government,संसद शीतकालीन सत्र,एम. वेकैंया नायडू,ओम बिरला,संसद,मोदी सरकार,Parliament Winter Session,संसद शीतकालीन सत्र"},{"@context": "https://schema.org","@type": "NewsArticle","mainEntityOfPage":{"@type":"WebPage","@id":"https://www.lokmatnews.in/india/i-always-wish-that-the-house-should-go-and-debate-such-an-act-cannot-be-tolerated-birla/"},"headline": "संसद में आज जो हुआ, उससे मैं आहत हूं, यह अस्वीकार्य और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगाः बिरला","url":"https://www.lokmatnews.in/india/i-always-wish-that-the-house-should-go-and-debate-such-an-act-cannot-be-tolerated-birla/","image": { "@type": "ImageObject", "url": "https://d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net/sm/images/686x514/eknlvgvuwaakpd6_201911129397.png", "height": 514, "width": 686 },"thumbnailUrl":"https://d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net/sm/images/120x90/eknlvgvuwaakpd6_201911129397.png","datePublished": "1970-01-01T05:30:00+05:30","dateModified": "1970-01-01T05:30:00+05:30","dateCreated": "1970-01-01T05:30:00+05:30","author": {"@type": "Person","name": "लोकमत न्यूज़ डेस्क"},"publisher":{"@type":"Organization","name":"Lokmat News Hindi","legalName":"Lokmat Media Private Limited","logo":{"@type":"ImageObject","url":"https:\/\/d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net\/sm\/assets\/images\/lokmatnews-logo-v0.6.png","width":224,"height":58}},"articleSection":"India", "description":"महाराष्ट्र मुद्दे पर कांग्रेस सहित विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह असभ्य मामला है।महाराष्ट्र के मुद्दे के विरोध के दौरान कांग्रेस सांसदों और मार्शल के बीच टकराव पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह पहली बार है जब मैंने सदन को हंगामे के बाद स्थगित कर दिया है। मैं हमेशा चाहता हूं कि सदन चले और बहस होनी चाहिए। लेकिन इस तरह के कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को कहा कि वे महाराष्ट्र में भाजपा नीत सरकार के शपथ ग्रहण के विरोध में सदन में आसन के समीप कांग्रेस सदस्यों के व्यवहार से आहत हैं जो अस्वीकार्य है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।बिरला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘संसद में आज जो हुआ, उससे मैं आहत हूं । यह अस्वीकार्य है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ’’ सूत्रों ने बताया कि इस बात पर विचार किया जा रहा है कि कांग्रेस सांसद हिबी इडेन और टी एन प्रतापन को सदन में आसन के समीप आने और नारेबाजी करके कार्यवाही बाधित करने के लिये क्या पांच वर्षों के लिए निलंबित किया जा सकता है।महाराष्ट्र मुद्दे पर लोकसभा में सोमवार को कांग्रेस सदस्यों के भारी हंगामे और पार्टी के दो सदस्यों हिबी इडेन एवं टी एन प्रतापन तथा मार्शलों के बीच धक्का-मुक्की के कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को कहा कि संसदीय लोकतंत्र की सफलता विपक्ष की राय और विचारों को सुनने एवं उनका सम्मान करने पर निर्भर करती है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा में आयोजित 10वीं राष्ट्रमंडल युवा संसद के उद्घाटन समारोह में कहा कि संवाद, बहस और इनके आधार पर निर्णय लेना संसदीय लोकतंत्र का मूल है। इस समारोह में राष्ट्रमंडल देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस समारोह को संबोधित किया। महाराष्ट्र राजनीतिक गतिरोध: केंद्र के खिलाफ युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शनभारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के कथित ‘‘अवैध और अलोकतांत्रिक’’ तरीके को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ सोमवार को संसद भवन के पास विरोध प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र में जिस तरह से सत्ता हथियाने की कोशिश की और महाराष्ट्र में सरकार बनाने की अनुमति दी गई, उससे कई सवाल खड़े होते हैं।यह स्पष्ट है कि नियमों और लोकतांत्रिक मानदंडों का उल्लंघन किया गया है। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह देवेंद्र फड़नवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाने के महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन की याचिका पर मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे अपना फैसला सुनाएगा। ", "articleBody":"महाराष्ट्र मुद्दे पर कांग्रेस सहित विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह असभ्य मामला है।महाराष्ट्र के मुद्दे के विरोध के दौरान कांग्रेस सांसदों और मार्शल के बीच टकराव पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह पहली बार है जब मैंने सदन को हंगामे के बाद स्थगित कर दिया है। मैं हमेशा चाहता हूं कि सदन चले और बहस होनी चाहिए। लेकिन इस तरह के कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को कहा कि वे महाराष्ट्र में भाजपा नीत सरकार के शपथ ग्रहण के विरोध में सदन में आसन के समीप कांग्रेस सदस्यों के व्यवहार से आहत हैं जो अस्वीकार्य है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।बिरला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘संसद में आज जो हुआ, उससे मैं आहत हूं । यह अस्वीकार्य है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ’’ सूत्रों ने बताया कि इस बात पर विचार किया जा रहा है कि कांग्रेस सांसद हिबी इडेन और टी एन प्रतापन को सदन में आसन के समीप आने और नारेबाजी करके कार्यवाही बाधित करने के लिये क्या पांच वर्षों के लिए निलंबित किया जा सकता है।महाराष्ट्र मुद्दे पर लोकसभा में सोमवार को कांग्रेस सदस्यों के भारी हंगामे और पार्टी के दो सदस्यों हिबी इडेन एवं टी एन प्रतापन तथा मार्शलों के बीच धक्का-मुक्की के कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को कहा कि संसदीय लोकतंत्र की सफलता विपक्ष की राय और विचारों को सुनने एवं उनका सम्मान करने पर निर्भर करती है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा में आयोजित 10वीं राष्ट्रमंडल युवा संसद के उद्घाटन समारोह में कहा कि संवाद, बहस और इनके आधार पर निर्णय लेना संसदीय लोकतंत्र का मूल है। इस समारोह में राष्ट्रमंडल देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस समारोह को संबोधित किया। महाराष्ट्र राजनीतिक गतिरोध: केंद्र के खिलाफ युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शनभारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के कथित ‘‘अवैध और अलोकतांत्रिक’’ तरीके को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ सोमवार को संसद भवन के पास विरोध प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र में जिस तरह से सत्ता हथियाने की कोशिश की और महाराष्ट्र में सरकार बनाने की अनुमति दी गई, उससे कई सवाल खड़े होते हैं।यह स्पष्ट है कि नियमों और लोकतांत्रिक मानदंडों का उल्लंघन किया गया है। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह देवेंद्र फड़नवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाने के महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन की याचिका पर मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे अपना फैसला सुनाएगा। ","keywords":"Parliament Winter Session,Bharatiya Janata Party (BJP),Om Birla,Congress,Maharashtra Assembly Election,संसद शीतकालीन सत्र,भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी),ओम बिरला,कांग्रेस,महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019,Parliament Winter Session,संसद शीतकालीन सत्र"}]

लाइव न्यूज़ :

AllNewsPhotosVideos
ओम बिरला

ओम बिरला

Om birla, Latest Hindi News

माननीय मंत्री जी, प्रश्न को ध्यान से सुना करें, सावंत जी जैसा कह रहे हैं, वैसा करिएः बिरला - Hindi News | Honorable Minister, listen to the question carefully, do as Sawant is saying: Birla | Latest india News at Lokmatnews.in

भारत :माननीय मंत्री जी, प्रश्न को ध्यान से सुना करें, सावंत जी जैसा कह रहे हैं, वैसा करिएः बिरला

सदन में प्रश्नकाल के दौरान शिवसेना के हेमंत तुकाराम गोडसे के भारतीय खाद्य निगम से संबंधित पूरक प्रश्न पर उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे ने सदस्य से फिर से प्रश्न पूछने को कहा। इस पर अध्यक्ष बिरला ने कहा, ‘‘माननीय ...

हैदराबाद रेप मामलाः संसद में उठा मामला, सरकार ने कहा, आईपीसी, सीआरपीसी में संशोधन को तैयार - Hindi News | Hyderabad rape case: The matter arose in Parliament, the government said, ready to amend IPC, CRPC | Latest india News at Lokmatnews.in

भारत :हैदराबाद रेप मामलाः संसद में उठा मामला, सरकार ने कहा, आईपीसी, सीआरपीसी में संशोधन को तैयार

विभिन्न दलों के सदस्यों ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और अपराध प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में संशोधन तथा बलात्कार के मामले में कानून को और कठोर बनाने की मांग की। इस पर सरकार ने कहा कि वह आईपीसी और सीआरपीसी में संशोधन करने को तैयार है और इस बारे में ...

हैदराबाद मामलाः बिरला ने कहा-किसी भी मां बेटी के साथ ऐसी घटनाओं की हम सभी एक स्वर में निंदा करते हैं - Hindi News | Hyderabad case: Birla said - We all condemn such incidents with any mother and daughter in one voice | Latest india News at Lokmatnews.in

भारत :हैदराबाद मामलाः बिरला ने कहा-किसी भी मां बेटी के साथ ऐसी घटनाओं की हम सभी एक स्वर में निंदा करते हैं

लोकसभा अध्यक्ष ने हैदराबाद की घटना पर पूरे सदन की तरफ से दुख प्रकट करते हुए कहा कि सभी दलों के सदस्यों ने अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं और अपराध हमें चिंतित भी करते हैं और आहत भी करते है। ...

भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह के दिए बयान पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने सभी दलों की बैठक बुलाई - Hindi News | On the statement given by BJP MP Pragya Singh, Lok Sabha Speaker Birla called a meeting of all the parties | Latest india News at Lokmatnews.in

भारत :भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह के दिए बयान पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने सभी दलों की बैठक बुलाई

भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में की गयी अपनी विवादित टिप्पणी के लिए शुक्रवार को सदन में माफी मांगी और कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। हालांकि कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों ने उनके बयान पर पुरजोर ...

सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों और परिजनों को एसपीजी की सुरक्षा आजीवन प्रदान की जानी चाहिएः कांग्रेस - Hindi News | All former Prime Ministers and family members should be provided lifetime security of SPG: Congress | Latest india News at Lokmatnews.in

भारत :सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों और परिजनों को एसपीजी की सुरक्षा आजीवन प्रदान की जानी चाहिएः कांग्रेस

कांग्रेस के मनीष तिवारी ने लोकसभा में ‘विशेष सुरक्षा समूह (संशोधन) विधेयक, 2019’ पर चर्चा में भाग लेते हुए आगाह किया कि इतिहास गवाह है कि जब जब ऐसे ‘नकारात्मक’ कदम उठाये गये उसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ा है। ...

ओम बिरला ने कहा- सभी बधाई के पात्र हैं, प्रश्नकाल में रिकॉर्ड 20 प्रश्न पूछे गए और मंत्रियों ने उत्तर दिए - Hindi News | Om Birla said- All are eligible for congratulations, a record 20 questions were asked during the Question Hour and the ministers answered | Latest india News at Lokmatnews.in

भारत :ओम बिरला ने कहा- सभी बधाई के पात्र हैं, प्रश्नकाल में रिकॉर्ड 20 प्रश्न पूछे गए और मंत्रियों ने उत्तर दिए

सदन में प्रश्नकाल के दौरान मौखिक प्रश्नों की सूची में अंकित सभी 20 प्रश्न पूछे गये और पूरक प्रश्नों के उत्तर भी दिये गये। इनमें जिन प्रश्नों के मूल प्रश्नकर्ता सदन में उपस्थित नहीं थे उनके उत्तर संबंधित मंत्रियों ने सदन के पटल पर रखे। लोकसभा अध्यक्ष ...

राज्यसभा में मार्शल सेना जैसी वर्दी के बजाय सामान्य बंद गले के सूट में नजर आए लेकिन सर पर पगड़ी नहीं - Hindi News | In the Rajya Sabha, instead of a uniform like a martial army, he appeared in a normal turtleneck suit but not a turban on his head. | Latest india News at Lokmatnews.in

भारत :राज्यसभा में मार्शल सेना जैसी वर्दी के बजाय सामान्य बंद गले के सूट में नजर आए लेकिन सर पर पगड़ी नहीं

आसन के समीप मौजूद रहने वाले दोनों मार्शल गहरे रंग की सेना जैसी वर्दी तथा पी-कैप पहने हुए थे। नयी वर्दी की कुछ संसद सदस्यों तथा सेना के कुछ पूर्व अधिकारियों की ओर से आलोचना किये जाने के बाद सभापति एम वेंकैया नायडू ने मार्शलों के ड्रेस कोड की समीक्षा क ...

संसद में आज जो हुआ, उससे मैं आहत हूं, यह अस्वीकार्य और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगाः बिरला - Hindi News | I always wish that the House should go and debate, such an act cannot be tolerated: Birla | Latest india News at Lokmatnews.in

भारत :संसद में आज जो हुआ, उससे मैं आहत हूं, यह अस्वीकार्य और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगाः बिरला

महाराष्ट्र के मुद्दे के विरोध के दौरान कांग्रेस सांसदों और मार्शल के बीच टकराव पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह पहली बार है जब मैंने सदन को हंगामे के बाद स्थगित कर दिया है। ...