2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मे मोहनदास करमचन्द गांधी को दुनिया महात्मा गांधी के नाम से जानती है। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सबसे अहम भूमिका निभाई थी। वे सत्य और अहिंसावादी थे। उन्होंने 200 सालों की अंग्रेजी हुकुमत को अहिंसावादी अंदोलनों से उखाड़ फेंका। इसमें स्वदेशी अंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, नमक सत्याग्रह जैसे प्रमुख आंदोलन हैं। आजादी के वक्त वह भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के खिलाफ थे। आजादी के बाद 30 जनवरी, 1948 को नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। Read More
भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि आजादी के समय महात्मा गांधी ने कांग्रेस को भंग करने के लिए कहा था लेकिन उसके नेताओं ने नहीं सुना, अब जनता गांधीजी के सपने को पूरा करेगी। ...
Katihar Lok Sabha seat: कटिहार की ऐतिहासिकता देखें तो कुरसेला स्थित त्रिमुहानी संगम में 12 फरवरी 1948 को महात्मा गांधी का अस्थि कलश विसर्जित किया गया था। ...
एंड्रयूज को स्वतंत्रता और समाज सुधार के कामों व आंदोलनों में भारतीयों के कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए तो जाना ही जाता है, फिजी में अत्यंत दारुण परिस्थितियों में काम करने को अभिशप्त भारतीय गिरमिटिया मजदूरों की मुक्ति के प्रयत्नों में बहुविध भागीदा ...
महात्मा गांधी की 76वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने परोक्ष रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा पर बेहद तीखा हमला किया। ...
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी देश में स्वराज के साथ राम राज के भी प्रबल आकांक्षी थे और इन दोनों के लिए उन्होंने अपनी आखिरी सांस तक कुछ भी उठा नहीं रखा। इससे आगे की बात करें तो वे इन दोनों को अन्योन्याश्रित मानते थे और उनके मन-मस्तिष्क में इन दोनों की तस् ...