माघ मेला की शुरुआत हर साल पौष पूर्णिमा से होती है और महाशिवरात्रि तक जारी होता है। इस डेढ़ महीने के दौरान पवित्र नदियों में स्नान और फिर दान की परंपरा है। पौष पूर्णिमा के अलावा जिन महत्वपूर्ण दिनों में स्नान और दान की परंपरा है, वे हैं- मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि। इसमें अमावस्या तिथि को बेहद शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर देवता धरती पर रूप बदलकर आते हैं और संगम में स्नान करते हैं। Read More
Magh Purnima 2020: माघ माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत इस बार 8 फरवरी को ही शाम 4.01 बजे से हो चुकी है। इसका समापन आज (9 फरवरी) को दोपहर 1.02 बजे हो रहा है। ...
Ravidas Jayanti: वाराणसी के पास एक गांव में जन्मे रविदास जी को संत रैदास के नाम से भी जाना जाता है। हिंदी कैलेंडर के अनुसार उनका जन्म माघ माह की पूर्णिमा को हुआ था। ...
Magh Purnima 2020: सावन और कार्तिक की तरह माघ माह को भी बेहद पवित्र माना गया है। माघ माह की समाप्ति पूर्णिमा तिथि के साथ होती है। इसे ही माघ पूर्णिमा कहा जाता है। ...
Magh Purnima 2020: माघ पूर्णिमा माघ माह का आखिरी दिन होता है और इसलिए इसका महत्व विशेष है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए और जरूरतमंदों को दान दें। ...
Basant Panchami 2020: इस बार बसंत पंचमी देश के कई हिस्सों में 29 जनवरी को कई हिस्सों में 30 जनवरी को भी मनाई जा रही है। आप भी इस मौके पर अपने दोस्तों, परिवार को भेजें ये बधाई संदेश... ...
Maghi Ganesh Chaturthi: महाराष्ट्र सहित दक्षिण भारत में ये व्रत विशेष तौर पर किया जाता है। इस दिन भगवान गणेश सहित चंद्रमा की पूजा करें। साथ ही मंगल ग्रह की भी पूजा करें। ...
शनि देव ने ढाई साल बाद एक बार फिर अपनी राशि बदल ली है और वे मकर राशि में आ चुके हैं। इसका सभी राशियों पर प्रभाव पड़ेगा। जानें शनि के प्रकोप से कैसे छुटकारा पाएं। ...