चन्द्रग्रहण उस खगोलीय घटना को कहते हैं जब चंद्रमा पृथ्वी से ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में चला जाता है। इस दौरान सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक ही क्रम में लगभग सीधी रेखा में आ जाते हैं। विज्ञान के इतर हिन्दू धर्म में ज्योतिष शास्त्र की चन्द्रग्रहण की अपनी एक परिभाषा है जिसके अनुसार चंद्रमा के आगे राहु-केतु नाम की खगोलीय बिंदु बन जाती है। राहु-केतु ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक छाया ग्रह हैं। इनके प्रभाव से व्यक्ति विशेष पर बुरा असर पड़ता है इसलिए शास्त्रों में ग्रहण से बचने के लिए विभिन्न उपाय दर्ज हैं। Read More
पूर्ण चंद्र ग्रहण 8 नवंबर को लगने जा रहा है। इसे पूरे भारत में देखा जा सकेगा। चंद्र ग्रहण की शुरुआत लगभग 14:39 बजे (भारतीय समय के अनुसार) से होगी और शाम 6.20 बजे ये खत्म होगा। ...
ओडिशा में सूर्यग्रहण के दौरान कुछ लोगों द्वारा सामुदायिक मांसाहार भोज के आयोजन पर विवाद बढ़ गया है। हिंदू धर्म के संतों ने इसकी आलोचना की है। पुरी और कटक के अलग-अलग थानों में चार एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। ...
Chandra Grahan 2022 May 16: ज्योतिषीय गणना के अनुसार, चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि में लगेगा, किंतु इस ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर शुभ-अशुभ रूप से पड़ेगा। ...
साल का पहला चंद्र ग्रहण 16 मई सोमवार को वृश्चिक राशि में सुबह 08:59 बजे से लेकर 10:23 बजे तक लगेगा। इसका असर सभी राशियों पर शुभ-अशुभ रूप से पड़ेगा। ...
सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल की मध्यरात्रि 12 बजकर 15 मिनट पर लग रहा है। यह ग्रहण मेष राशि में लगेगा। जबकि इसके ठीक पंद्रह दिनों के बाद 16 मई को चंद्र ग्रहण लगेगा। ...