Jawaharlal nehru university (jnu), Latest Hindi News
दिल्ली स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय। भारतीय संसद में जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू) विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 1966 में विधेयक पारित हुआ। 1969 में यूनिवर्सिटी अस्तित्व में आयी। विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और मानविकी से जुडे़ विषयों की परास्नातक (एमए), एमफिल और पीएचडी तक की शिक्षा दी जाती है। विश्वविद्यालय में कई विदेशी भाषाओं की स्नातक और उससे उच्च स्तर की शिक्षा भी दी जाती है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जेएनयू के कई सेंटरों को "सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" का दर्जा दिया है। भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में जेएनयू को साल 2016 में तीसरा और साल 2017 में दूसरा स्थान मिला था। Read More
अभिजीत बनर्जी ने लेख में 1983 का अपना वो वक्त याद किया था जब उन्हें अन्य छात्रों के साथ दस दिन के लिए दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में बंद होना पड़ा था। उन्होंने लेख में बताने की कोशिश की थी कि वर्तमान सरकार 1983 की कांग्रेस सरकार की तरह व्यवहार कर रही थी ...
अभिजीत के बारे में कहा जाता है कि विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान वह किसी छात्र संगठन के सदस्य नहीं बने लेकिन अपनी बात रखने से कभी पीछे नहीं हटते थे। ...
सेंटर फॉर इकोनॉमिक स्टडीज एंड प्लानिंग में बनर्जी को पढ़ाने वाले अंजन मुखर्जी ने कहा कि उन्होंने अपने पूर्व छात्र को बधाई देते हुए ईमेल किया है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने उन्हें एक ईमेल किया है। वह बहुत अच्छे छात्र थे, सर्वश्रेष्ठ छात्रों में से एक। हमे ...
बनर्जी अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में अपनी पत्नी एस्थर के पीएचडी सुपरवाइजर भी रहे हैं। बनर्जी वर्तमान में एमआईटी में अर्थशास्त्र के फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर हैं। 1990 में जोशुआ एंगरिस्ट के साथ वह डुफ्लो के पीएच ...
डुफ्लो अर्थशास्त्र का नोबल पाने वाली दूसरी महिला हैं। वहीं वह यह पुरस्कार पाने वाली सबसे कम उम्र की अर्थशास्त्री भी है। नोबेल पुरस्कार के तहत 90 लाख क्रोनर (स्वीडन की मुद्रा) यानी 9,18,000 डॉलर का नकद पुरस्कार, एक स्वर्ण पदक और एक प्रशस्ति पत्र दिया ...
अर्थशास्त्र के लिए 2019 का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले भारतीय मूल के अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति डगमगाती हुई है। वर्तमान (विकास के) आंकड़ों को देखने के बाद, (निकट भविष्य में अर्थव्यवस्था के पुनरोद्धार) को लेकर निश ...
बनर्जी को 2019 का यह पुरस्कार उनकी पत्नी एस्थर डुफ्लो और अमेरिका के माइकल क्रेमर के साथ संयुक्त रूप से दिया गया है। उन्हें यह पुरस्कार ‘वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन के लिए किये गये कार्यों के लिये दिया गया।’ बनर्जी का जन्म मुंबई में हुआ है और वह अभी ...
नोबेल समिति ने सोमवार को एक बयान जारी कर तीनों को वैश्विक स्तर पर गरीबी से लड़ने के शोध कार्यों के लिये 2019 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की। बनर्जी और उनकी फ्रांसीसी-अमेरिकी पत्नी डुफ्लो प्रतिष्ठित मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक् ...