Indian National Congress: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) भारत की सबसे पुरानी राजनैतिक पार्टी है। इसकी स्थापना अंग्रेजी हुकुमत से आजादी पाने के लिए 28 दिसंबर 1885 में हुई थी। इसके प्रमुख संस्थापकों में ए ओ ह्यूम, दादा भाई नौरोजी और दिनशा वाचा शामिल थे। कांग्रेस के पहले अध्यक्ष वोमेश चंदर बोनर्जी थे। 15 अगस्त, 1947 को आजाद भारत की पहली सरकार कांग्रेस ने ही बनाई। 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान भी कांग्रेस के शासनकाल में ही लागू हुआ। आजाद भारत के 70 साल के इतिहास में तकरीबन 60 साल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारें रही हैं। इस दौरान देश को कांग्रेस ने पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (1947-1965) से मनमोहन सिंह (2004-2014) तक कुल सात प्रधानमंत्री दिए हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव अबतक की कांग्रेस का सबसे दोयम प्रदर्शन रहा। कांग्रेस पार्टी को साल 2014 के आम चुनावों में 543 सदस्यीय लोकसभा में केवल 44 सीट ही मिलीं। इसके बाद राज्यों में भी कांग्रेस का तेजी से पतन हुआ। वर्तमान में पंजाब और कर्नाटक ही दो बड़े प्रदेश ऐसे हैं जहां कांग्रेस की सरकारें हैं। लेकिन आगामी 12 को कर्नाटक में भी विधानसभा चुनाव हैं। इसलिए इन दिनों कांग्रेस पुनः खुद को स्थापति करने के लिए कर्नाटक चुनावों में संघर्षरत है। कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष राहुल गांधी हैं। Read More
भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक राजा सिंह ने तेलंगाना विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष के रूप में अकबरुद्दीन ओवैसी की नियुक्ति पर कड़ा विरोध जताया है। ...
संसद में ‘पैसे लेकर सवाल पूछने’ के मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित करने के फैसले की निंदा करते हुए कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि यह देश के लोकतंत्र पर काला धब्बा है। ...
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटेगी। विधानसभा चुनाव की हार से सबक लेते हुए कांग्रेस लोकसभा चुनाव में कई नए प्रयोग करने की तैयारी में है। ...
भोपाल : मध्यप्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका जवाब अब सोमवार यानी 11 दिसंबर को मिलेगा। इस दिन शाम 7 बजे भोपाल में बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें नए मुख्यमंत्री का नाम तय होगा। बैठक के लिए नियुक्त किए गए तीनों पर्यवेक्षक भी बैठक में म ...
मध्यप्रदेश में भाजपा की तरह कांग्रेस ने भी कठिन मानी जाने वाली सीटों को चिह्नित किया था। दिग्विजय सिंह ने 6 माह के भीतर एक-एक सीट का दौरा किया। कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करके चुनाव की तैयारी की। लेकिन मेहनत सफल साबित नहीं हुई और पार्टी की करारी हार हु ...
भारत में जिस तरह का चुनाव-प्रचार होता है या फिर मतदाता को रिझाने की जिस तरह से कोशिशें होती हैं, वह जनतांत्रिक मूल्यों की दृष्टि से कितनी सही हैं? चुनावों में न तो विपक्ष पूछता है और न ही सत्तारूढ़ बताना है कि वैश्विक गरीबी सूचकांक के अनुसार हमारी सो ...