भारतीय सशस्त्र बल का सबसे बड़ा अंग भारतीय सेना है। वायु सेना, थल सेना और जल सेना भारतीय सेना की तीन प्रमुख अंग हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्र को बाहरी आक्रमण व आंतरिक खतरों से बचाना और अपनी सीमाओं पर शांति और सुरक्षा को बनाए रखना ही भारतीय सेना का उद्देश्य है। Read More
वायुसेना के जांबाज जवानों से अत्यधिक सतर्क रहने को कहा है। वायुसेना की पूर्वी कमान का मुख्यालय शिलांग में है, जो सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में एलएसी से लगे संवेदनशील इलाकों और क्षेत्र के कई अन्य हिस्सों में हवाई रक्षा की जिम्मेदारी संभालता है। ...
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवान अक्सर घुसपैठ कर भारतीय इलाके में अतिक्रमण करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर अब दिन या रात में भारतीय सेना किसी भी वक्त चीन के सैनिकों की हर हरकत को भांप लेंगे। ...
सेना की उत्तरी कमान के आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी, लद्दाख की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली सेना की 14वीं कोर के कोर कमांडर व अन्य फील्ड कमांडरों से सेना की आप्रेशनल तैयारियों की भी जानकारी ली। ...
गलवान घाटी में 15 जून को हुई झड़प के बाद से पैंगोंग झील इलाके में यथास्थिति में बदलाव करने की चीन की ताजा कोशिश क्षेत्र में पहली बड़ी घटना है। उस झड़प में 20 भारतीय सैन्य कर्मी शहीद हो गये थे। चीनी सैनिक भी हताहत हुए थे लेकिन चीन ने उसका विवरण सार्वज ...
अधिकारियों के मुताबिक, ‘आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए एएसआई बाबू राम ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) में 18 साल सेवा दी। इस दौरान वह आतंकवाद रोधी कई अभियानों में अग्रिम मोर्चे पर रहे थे। ...
कुछ अरसा पहले आतंकियों की महिमा गाने वाले जब आतंकी दाऊद के जनाजे में जिहादी नारे लगाते हुए स्थानीय युवकों को बंदूक थामने के लिए उकसा रहे थे तो उस समय दिवंगत आतंकी की मां ने जैसे ही अपने बेटे की लाश को अपने घर आते देखा तो वह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई। ...
भारतीय सेना की चिनार कोर रेजिमेंट ने इन हथियारों के साथ सेटेलाइट के जरिए ली गई तस्वीरों को भी सार्वजनिक किया है, जिसमें यह साफ-साफ दिखाई दे रहा है कि पाकिस्तान की ओर से आतंकी भारतीय इलाके में घुसने का प्रयास कर रहे हैं। ...
दोनों सेनाओं के बीच हुए समझौतों के बावजूद चीन ने फिलहाल उन क्षेत्रों को पूरी तरह से खाली नहीं किया है जहां विवाद चल रहा है। कई इलाकों में वह कुछ मीटर पीछे हट कर जम गई थी। तो कई इलाकों में वह आ-जा रही है। ...