असम में बीजेपी के कद्दावर नेता हेमंत बिस्वा सरमा लगातार पांचवी बार चुनाव लड़ रहे हैं। जालुकबारी विधानसभा सीट असम की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। सीएम सर्वानंद सोनोवाल सरकार में हेल्थ मंत्री हैं। हेमंत बिस्वा शर्मा को खेलों में विशेष रुचि है। 2017 में भारत के बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया गया था। शर्मा असम कांग्रेस में एक ऊंची हैसियत रखते थे। इसके पहले वो तरुण गोगोई सरकार में मंत्री भी रहे थे। Read More
हिमंत बिस्व सरमा ने राहुल को जवाब देते हुए लिखा, "यह हमारी शालीनता थी कि हमने आपसे कभी नहीं पूछा कि आपने बोफोर्स और नेशनल हेराल्ड घोटालों से अपराध की आय को कहाँ छुपाया है। साथ ही आपने ओटावियो क्वात्रोची को कैसे कई बार भारतीय न्याय के शिकंजे से बच नि ...
हिमंत के इस वीडियो को ट्विटर यूजर रोशन राय ने शेयर किया है। उसने साझा करते हुए लिखा- ''असम के सीएम जो कि विजिटर बुक में एक पैराग्राफ बिना कॉपी किए हुए नहीं लिख सकते।'' ...
असम दौरे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हिमंता बिस्व सरमा को अपने घर पर चाय और लंच के लिए आमंत्रित किया था। इसका जवाब देते हुए हिमंता बिस्व सरमा ने कहा है कि उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री का निमंत्रण स्वीकार है। ...
इससे पहले सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि “मैं हेमंत विश्व शर्मा को दिल्ली आने के लिए आमंत्रित करता हूं और मेरे घर पर मेरे साथ चाय और लंच का निमंत्रण देता हूं। मैं उन्हें शहर भी घुमाऊंगा।” ...
सीएम केजरीवाल ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मुझे जेल में डालने की धमकी दी थी और कहा था कि वह मुझे वापस नहीं आने देंगे। एक मुख्यमंत्री को इस तरह की धमकी शोभा नहीं देती। ...
गुरपतवन सिंह पन्नू ने असम के मुख्यमंत्री को धमकी देते हुए कहा, अगर आपकी सरकार छह (डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद अमृतपाल के सहयोगियों) को प्रताड़ित और परेशान कर रही है, तो आपको जवाबदेह ठहराया जाएगा। ...
हिमंत ने कहा कि केजरीवाल ने विधानसभा में एक कायर की तरह यह बात बोली है। जहां मैं डिफेंड नहीं कर सकता था। फिर भी, मैंने कोई मानहानि का मामला दर्ज नहीं किया है। क्या देश के किसी भी हिस्से में मेरे खिलाफ कोई मामला है? ...
असम पिछले कई सालों से बाल विवाह की कुरीति से जूझ रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार असम में मातृ और शिशु मृत्यु दर सबसे ज्यादा है। इसकी प्रमुख वजह बाल विवाह है। इसके बाद कैबिनेट ने बाल विवाह करने वालों के खिलाफ कार्रवाई ...