एकनाथ शिंदे वर्तमान में वो उद्धव ठाकरे सरकार में शहरी विकास और लोक-निर्माण विभाग के मंत्री हैं। शिंदे साल 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में शिवसेना के टिकट पर ठाणे की कोपरी-पाचपाखाडी विधानसभा से चुनाव जीतकर सदन पहुँचे थे। उसके पहले वो 2004, 2009 और 2014 में विधायक चुने जा चुके थे। Read More
ठाकरे खेमे की शिवसेना को आयोग ने शिवसेना 'उद्धव बालासाहेब ठाकरे' नाम दिया है तो वहीं चुनाव चिन्ह 'मशाल' दिया गया है। वहीं शिंदे गुट की शिवसेना को आयोग द्वारा 'बालासाहेबची शिवसेना' नाम दिया गया है। ...
निर्वाचन आयोग ने अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में शिवसेना के उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे नीत दोनों गुटों के पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का उपयोग करने पर शनिवार को पाबंदी लगा दी थी। ...
चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद उद्धव ठाकरे गुट ने अपने पसंदीदा चुनाव चिह्न और नाम के विकल्प भेज दिए हैं। सूत्रों के अनुसार त्रिशूल उद्धव ठाकरे गुट की पहली पसंद है। जबकि दूसरी पसंद उगता सूरज है। ...
इस पूरे मामले में चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश जारी किया है। ऐसे में आदेश में कहा गया है, ‘‘दोनों गुटों में से किसी को भी ‘शिवसेना’ के लिए आरक्षित चुनाव चिन्ह ‘तीर कमान’ का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।’’ ...
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘जैसे जैसे समय बदलता है, रावण का चेहरा भी बदल जाता है। आज, ये गद्दार (रावण के रूप में) हैं। ...
दिलचस्प बात यह थी कि ठाणे में अंतिम रैली के दौरान शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे द्वारा इस्तेमाल की गई कुर्सी को मंच पर बीच में खाली रखा गया था। उद्धव ठाकरे के भाई-भतीजे के अलावा बाल ठाकरे के 27 साल तक करीबी सहयोगी रहे चंपा सिंह थापा भी शिंदे के मंच पर म ...
शिंदे गुट की शिवसेना के दशहरा समारोह में 51 फीट की तलवार पर की गई 'शस्त्र पूजा' जिसके लिए यूपी के अयोध्या से एक महंत को बुलाया गया था। रैली में भारी संख्या में लोगों की मौजूदगी देखी गई। ...