भीमराव रामजी आंबेडकर का जन्म 1891 और मृत्यु 1956 में। डॉ बाबासाहब के नाम से विश्व में लोकप्रिय हुए। स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि और न्याय मंत्री बने। भारतीय संविधान के जनक और भारत गणराज्य के निर्माता थे। 1990 में बाबासाहेब को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से मरणोपरांत सम्मानित किया गया था। Read More
Ambedkar Jayanti 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने आज भारत के अनेक हिस्सों में मनाए जा रहे कई त्योहारों के लिए भी लोगों को शुभकामना दी। ...
14 अप्रैल का इतिहास: हर साल 14 अप्रैल को पूरे देश में अंबेडकर जयंती मनाया जाता है। वहीं, दूसरी ओर ब्रिटेन का आलीशान पोत टाइटैनिक भी आज के ही दिन 1912 में हिमखंड से टकराया था। पढ़ें आज का इतिहास... ...
डॉक्टर भीमराव आंबेडकर (Bhimrao Ramji Ambedkar) एक महान शख्स हैं, जिनकी कायल पूरी दुनिया है। उन्होंने भारत के लिए जो काम किए हैं, वो बेहद सराहनीय हैं। यहां जानिए बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर (Babasaheb Bhimrao Ambedkar) से जुड़ी 10 रोचक बातें। ...
साल के 365 दिन इतिहास में तरह तरह की घटनाओं के साथ दर्ज हैं। इनमें कुछ अच्छी हैं तो कुछ बुरी। 31 मार्च का दिन भी ऐसी ही बहुत सी घटनाओं का साक्षी रहा है। ऐसी ही एक घटना की बात करें तो देश के संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर को 31 मार्च 1990 को मरणोप ...
ब्रिटिश सरकार ने उत्तरी लंदन स्थित आंबेडकर हाउस को बंद करने के खिलाफ भारत की अपील मंजूर कर ली है। सरकार ने कहा है कि भारत के संविधान निर्माता का यह स्मारक दर्शकों के लिए खुला रहेगा। ...
त्रिवेदी ने कहा, ‘‘इतिहास बताता है कि ब्राह्मण हमेशा दूसरों को आगे बढ़ाते हैं। यह राव ही थे जिन्होंने अंबेडकर को अपने से आगे रखा। हमें अंबेडकर पर गर्व है क्योंकि उन्होंने 25 नवंबर, 1949 को संविधान सभा में अपने भाषण में इसे कबूल किया।’’ ...
अंग्रेजों ने महारों को दोबारा सेना में तब शामिल किया जब पहले विश्व युद्ध में उसे अतिरिक्त सैनिकों की जरूरत हुई। 1917 में बॉम्बे प्रेसिडेंसी सरकार ने महारों को सेना में भर्ती करने के साथ ही उनकी दो प्लाटून बनाने का आदेश दिया। लेकिन पहला विश्व युद्ध (1 ...
26 बरस पहले उत्तर प्रदेश के अयोध्या में घटी यह घटना इतिहास में प्रमुखता के साथ दर्ज है, जब राम मंदिर की सांकेतिक नींव रखने के लिए उमड़ी भीड़ ने बाबरी मस्जिद ढहा दी थी। इससे देश के दो संप्रदायों के बीच पहले से मौजूद रंजिश की दरार बढ़कर खाई में बदल गई। ...