अमित शाह देश के गृह और सहकारिता मंत्री हैं। अहमदाबाद से लोकसभा सांसद हैं। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष। 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई के एक गुजराती हिन्दू परिवार में जन्मे अमित शाह अमदाबाद में कॉलेज के दिनों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े गये थे। अमित शाह गुजरात की सरखेज विधानसभा से 1997 में पहली बार विधायक बने। 1997 से ही ही शाह लगातार गुजरात विधान सभा के सदस्य रहे। जुलाई 2014 में उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला था। Read More
अमित शाह ने कहा कि बीजेपी को 2014 में 87 लाख वोट मिले थे। 2019 में, हमारे लिए आपका प्यार बढ़ा और हमें पीएम मोदी के नेतृत्व में 2.3 करोड़ वोट मिले। मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि राज्य के 18 सांसद संसद में इसका प्रतिनिधित्व करके बंगाल को बदलने की ...
अमित शाह आज कोलकता पहुंचे हैं। यहां राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के एक कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद देश के गृह मंत्री सीएए के समर्थन में कोलकता में एक रैली करेंगे। ...
अमित शाह ने कहा कि पांच साल के अंदर एनएसजी ने भारत सरकार से जो अपेक्षाएं रखी हैं, वो सारी की सारी अपेक्षाओं की पूर्ति मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार सुनिश्चित रूप से करेगी। ...
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज (1 मार्च) वह कोलकाता में दो जनसभाओं को संबोधित करेंगे। गृहमंत्री शाह कोलकाता में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के समर्थन में रैली करेंगे। दिल्ली हिं ...
दिल्ली सरकार ने राजद्रोह के एक मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और दो अन्य लोगों पर मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली पुलिस को मंजूरी दे दी। ...
मौजपुर, जाफ़राबाद, बाबरपुर इलाके में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। इस दौरान स्पेशल CP सतीश गोलचा ने लोगों से बात करके उनका विश्वास जीतने की कोशिश की। सतीश गोलचा ने कहा कि पिछले 3 से ज्यादा दिन से कोई घटना नहीं हुई है, इसलिए हमने कर्फ्यू के टाइमिंग में ...
दिल्ली हिंसा में घायल एसीपी अनुज कुमार ने 24 फरवरी को दिल्ली में दहशतगर्दी का हाल बयां किया है. . उस दिन दिल्ली की सड़कों पर उन्मादी भीड़ ने मकानों, दुकानों, गाड़ियों पर हमला बोल दिया. दिल्ली तब जंग का मैदान बनी हुई थी. वहां कानून का राज नहीं था. एस ...
जस्टिस मुरलीधर के तबाले पर सरकार ने कहा था कि तबादले का किसी मामले से कुछ लेना-देना नहीं है क्योंकि इस संबंध में उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने पहले ही सिफारिश कर दी थी और न्यायाधीश ने भी अपनी सहमति दी थी। ...