31 अक्टूबर साल 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनके ही दो सिख अंगरक्षकों ने गोली मार दी। इसके बाद पूरे देश में सिख विरोधी दंगों की आग फैल गई। इस आग ने तत्कालीन सिख राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह को भी नहीं बख्शा। इस दंगे में सिर्फ दिल्ली में लगभग 3000 सिख बेरहमी से मारे गए थे जबकि पूरे देश में दंगे में मारे गए सिखों का आंकड़ा लगभग 10 हजार था। Read More
पंजाब प्रांत के झांग शहर में (अब पाकिस्तान में) 18 दिसंबर 1942 को जन्मे राय ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी, लेकिन 23 साल की उम्र में उन्होंने कैमरा थाम लिया और 1966 में ‘द स्टेट्समैन’ अखबार के मुख्य छायाकार बन गए। ...
Aparajita Sarangi: अपराजिता सारंगी ने एक हैंडबैग 'उपहार' दिया, जिस पर '1984' लिखा हुआ था। 1984 के सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस नेताओं की कथित भूमिका को इंगित करने के लिए सारंगी ने उन्हें हैंडबैग भेंट किया। ...
सरदार सिरसा ने कहा कि 1984 में सिख नरसंहार के दौरान जिन लोगों की हत्या हुई वह मध्यप्रदेश के लोगों के भाई-बहन जैसे थे। जिन बेटियों के साथ कमलनाथ जैसे गुंडों ने दुष्कर्म किया वह लोगों की बहन-बेटियां थीं। ...
सीबीआई ने कहा, "टाइटलर ने भीड़ को सिखों को मारने के लिए उकसाया, जिसके परिणामस्वरूप भीड़ ने गुरुद्वारा पुल बंगश को आग लगा दी और 1 नवंबर 1984 को सिख समुदाय के तीन लोगों की हत्या कर दी।" ...
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साल 1984 में हुए दिल्ली सिख दंगे में प्रभावित सिख परिवारों से मुलाकात की और उन्हें केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। ...
कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर ने मंगलवार को 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित एक मामले में अपनी आवाज का नमूना सीबीआई को सौंपने के बाद कहा कि मैंने क्या किया है? ...
एएनआई से बात करते हुए, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "हम एक डॉक्यूमेंट्री या किसी यूरोपीय शहर में दिए गए भाषण पर बहस नहीं कर रहे हैं। हम राजनीति पर बहस कर रहे हैं जो दिखावटी रूप से आयोजित की जा रही है। यह राजनीति है।" ...
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान सबसे ज्यादा नफरत फैलाने वाले नेता जगदीश टाइटलर को आज AICC का निर्वाचित सदस्य बनाया गया है। ...