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Chandrayaan-3 Mission: उलटी गिनती शुरू, इसरो की वेबसाइट और YouTube चैनल पर देख सकते हैं लाइव

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: July 13, 2023 15:40 IST

Chandrayaan-3 Mission: भारत के इस तीसरे चंद्र मिशन में भी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर लैंडर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ का है। ‘चंद्रयान-2’ मिशन के दौरान अंतिम क्षणों में लैंडर ‘विक्रम’ पथ विचलन के चलते ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने में सफल नहीं हुआ था।

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ठळक मुद्देअमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ जैसे देशों के क्लब में शामिल हो जाएगा। ‘सॉफ्ट-लैंडिंग’ और चंद्र भूभाग पर रोवर के घूमने का प्रदर्शन करके सीमाएं पार करने जा रहा है।www.isro.gov.in पर लाइव देख सकते हैं। 

Chandrayaan-3 Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि देश के तीसरे चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3’ के प्रक्षेपण के लिए 25.30 घंटे की उलटी गिनती बृहस्पतिवार को यहां स्थित अंतरिक्ष केंद्र में शुरू हो गई। शुक्रवार को रवाना होने वाला ‘चंद्र मिशन’ वर्ष 2019 के ‘चंद्रयान-2’ का अनुवर्ती मिशन है। www.isro.gov.in पर लाइव देख सकते हैं। 

भारत के इस तीसरे चंद्र मिशन में भी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर लैंडर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ का है। ‘चंद्रयान-2’ मिशन के दौरान अंतिम क्षणों में लैंडर ‘विक्रम’ पथ विचलन के चलते ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने में सफल नहीं हुआ था। यदि इस बार इस मिशन में सफलता मिलती है तो भारत ऐसी उपलब्धि हासिल कर चुके अमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ जैसे देशों के क्लब में शामिल हो जाएगा।

सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "एलवीएम3एम4-चंद्रयान-3 मिशन: कल (शुक्रवार-14 जुलाई) को 14.35 बजे (अपराह्न दो बजकर 35 मिनट) पर किए जाने वाले प्रक्षेपण की उलटी गिनती शुरू हो गई है।" अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि ‘चंद्रयान-3’ कार्यक्रम के तहत इसरो अपने चंद्र मॉड्यूल की मदद से चंद्र सतह पर ‘सॉफ्ट-लैंडिंग’ और चंद्र भूभाग पर रोवर के घूमने का प्रदर्शन करके सीमाएं पार करने जा रहा है।

एलएंडटी ने चंद्रयान-3 के विभिन्न पुर्जों की आपूर्ति की

लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने भारत के चंद्रमा मिशन ‘चंद्रयान-3’ के लिए विभिन्न पुर्जों की आपूर्ति की है। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि इस मिशन के लिए ''मध्य खंड और नोजल बकेट फ्लैंज'' जैसे पुर्जों का विनिर्माण पवई स्थित उसके संयंत्र में किया गया।

इसके अलावा ‘ग्राउंड और फ्लाइट अम्बिलिकल प्लेट’ जैसे घटक कोयंबटूर स्थित कंपनी के एयरोस्पेस विनिर्माण संयंत्र में तैयार किए गए। एलएंडटी डिफेंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष और प्रमुख ए टी रामचंदानी ने कहा, ‘‘अंतरिक्ष क्षेत्र भारतीय उद्योग के लिए खुल रहा है और हम भविष्य के अंतरिक्ष कार्यक्रमों में बड़ी भूमिका निभाने के लिए इसरो के साथ मिलकर काम करेंगे।’

कंपनी ने बताया कि इन सभी पुर्जों कों की आपूर्ति तय समय से पहले कर दी गई थी। एलएंडटी ने आगे कहा कि वह इसरो के चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2, गगनयान और मंगलयान मिशन के लिए हार्डवेयर बनाने में भी शामिल रही है। भारत का तीसरा चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3’ 14 जुलाई को दोपहर 2:35 बजे उड़ान भरने के लिए तैयार है।

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