लाइव न्यूज़ :

'मेड इन इंडिया' ऑपरेटिंग सिस्टम 'भारोस' की हुई टेस्टिंग, आईआईटी मद्रास ने किया है तैयार, देखें वीडियो

By विनीत कुमार | Updated: January 24, 2023 18:41 IST

स्वदेशी मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) ‘भारोस’ (BharOS) का मंगलवार को परीक्षण किया गया। इस स्वदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम को आईआईटी, मद्रास द्वारा विकसित किया गया है।

Open in App
ठळक मुद्देस्वदेशी मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) ‘भारोस’ (BharOS) का हुआ परीक्षण। इस स्वदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम को आईआईटी, मद्रास द्वारा विकसित किया गया है। 'भारोस' का उद्देश्य स्मार्टफोन में विदेशी ओएस पर निर्भरता को कम करना है।

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अश्विनी वैष्णव ने स्वदेशी मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) ‘भारोस’ (BharOS) का मंगलवार को परीक्षण किया। इस स्वदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम को आईआईटी, मद्रास द्वारा विकसित किया गया है। 

प्रधान ने इस मौके पर कहा, 'इस सिस्टम के विकास में शामिल सभी लोगों को बधाई। पहली बार जब हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने 8 साल पहले डिजिटल इंडिया के बारे में बात की थी, तो हमारे कुछ दोस्तों ने उनका मजाक उड़ाया था लेकिन आज तकनीक विशेषज्ञ, इनोवेटर्स, उद्यमी और नीति निर्माता और शैक्षणिक संस्थानों ने आठ साल बाद उनके दृष्टिकोण को स्वीकार किया है।'

प्रधान ने आगे कहा, 'एक मजबूत, स्वदेशी, भरोसेमंद और आत्मनिर्भर डिजिटल अवसंरचना की मुख्य लाभार्थी देश की गरीब जनता होगी। ‘भारोस’ डेटा की निजता की दिशा में एक सफल कदम है।' 

वहीं, अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'इस यात्रा में मुश्किलें आएंगी और दुनिया भर में ऐसे कई लोग हैं जो मुश्किलें खड़ी करेंगे और नहीं चाहेंगे कि ऐसी कोई व्यवस्था सफल हो।'

गौरतलब है कि 'भारोस' को जेएंडके ऑपरेशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया जिसका विकास मद्रास स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने किया है। भारोस सेवाएं फिलहाल अति गोपनीयता और सुरक्षा जरूरत वाले संगठनों को प्रदान की जा रही हैं जिनके उपयोगकर्ता संवेदनशील जानकारी को संभालते हैं। 

इन उपयोगकर्ताओं को मोबाइल पर प्रतिबंधित ऐप पर गोपनीय संचार की आवश्यकता होती है। ऐसे उपयोगकर्ताओं को निजी 5-जी नेटवर्क के माध्यम से निजी क्लाउड सेवाओं तक पहुंच की आवश्यकता होती है।

'भारोस' भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित परियोजना है। इसका मकसद सरकारी और पब्लिक सिस्टम के इस्तेमाल के लिए एक मुक्त और ओपन-सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) विकसित करना है। परियोजना का उद्देश्य स्मार्टफोन में विदेशी ओएस पर निर्भरता को कम करना और स्थानीय रूप से विकसित प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देना है।

टॅग्स :धर्मेंद्र प्रधानअश्विनी वैष्णव
Open in App

संबंधित खबरें

भारतHoli Special Trains: 2025 में 1144 तो 2026 में 1500?, भारतीय रेलवे ने होली सहित त्योहार पर दिया तोहफा, जानिए रूट और स्टॉपेज

भारतUGC विवाद के बीच बोले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कहा- "कोई भेदभाव नहीं होगा"

भारतआईटी मंत्रालय ने ग्रोक 'बिकिनी' ट्रेंड को लेकर X को नोटिस जारी किया, दुरुपयोग के खिलाफ तत्काल की कार्रवाई की मांग

भारतबिहार में सरकार के गठन होते ही प्रदेश भाजपा में शुरू हो गई नए अध्यक्ष की तलाश, विनोद तावडे और धर्मेंद्र प्रधान को सौंपी गई जिम्मेवारी!

भारतबिहार एनडीए सीटः चिराग पासवान 30 तो जीतन राम मांझी 15 सीट पर अड़े?, कैबिनेट मंत्री को मनाने की कवायद, महागठबंधन में भी उठापटक

टेकमेनिया अधिक खबरें

टेकमेनियाएआई: तकनीकी प्रगति या पर्यावरणीय संकट? 

टेकमेनियाPoco M8 5G Launched in India: 50MP कैमरा, 5520mAh बैटरी और 15,999 की लॉन्च कीमत

टेकमेनियाThe Realme 16 Pro 5G Price: 7000mAh की दमदार बैटरी के साथ इंडिया में लॉन्च हुआ Realme 16 Pro 5G, जानें कीमत, फीचर्स और भी बहुत कुछ

टेकमेनियाGoogle Doodle Today: नए साल के पहले दिन पर गूगल ने बनाया खास डूडल, जानिए क्यों है ये खास

टेकमेनियाYouTube down: यूट्यूब हुआ डाउन, भारत और यूएस में हजारों यूजर्स ने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के साथ समस्याओं की शिकायत की