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Malmas 2019: खरमास शुरू पर आप अब भी कर सकते हैं ये 5 शुभ काम

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 17, 2019 11:19 IST

Kharmas 2019: मलमास या खरमास का महीना शुरू हो गया है। इन दिनों में कई शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है।

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ठळक मुद्देKharmas 2019: खरमास की शुरुआत 15 दिसंबर से हो चुकी हैहिंदू धर्म में इस दौरान विवाह संस्कार सहित कई शुभ कार्यों को करने की मनाही होती हैभगवान विष्णु हैं मलमास से अधिपति, कुछ कार्यों को इस महीने में करना शुभ माना गया है

Malmas 2019: पौष मास में पड़ने वाले और करीब एक महीने चलने वाले मलमास या खरमास की शुरुआत हो चुकी है। इस महीने में कई तरह से शुभ कार्यों की मनाही होती है। मसलन, मान्यताओं के अनुसार खरमास के महीने में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन नामकरण संस्कार, यज्ञोपवीत संस्कार, बहू का प्रवेश, गृह निर्माण कार्य की शुरुआत, नये व्यापार आदि की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। 

मान्यता है कि ये पूरा महीना भगवान की पूजा में व्यतीत किया जाना चाहिए और ध्यान और साधन करना चाहिए। हालांकि, ऐसा भी नहीं है कि आप इन दिनों में कोई शुभ काम नहीं कर सकते। कुछ कार्य ऐसे हैं जिन्हें मलमास में भी किया जा सकता है। 

Malmas 2019: खरमास शुरू, मकर संक्रांति पर होगा खत्म

सूर्य के धनु राशि में प्रवेश कर खरमास माह की शुरुआत होती है। सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं ये मलमास खत्म होता है। इन दिनों में मान्यता है कि पवित्र नदियों में स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया जाना चाहिए। देश के कई हिस्सों में इस परंपरा का पालन किया जाता है। इन दिनों में ब्रह्म मुहूर्त में किये गये स्नान को बहुत उपयोगी माना गया है।

Malmas 2019: खरमास में भी कर सकते हैं ये शुभ कार्य

मलमास (खरमास) में ऐसे को कई शुभ कार्यों की मनाही होती है लेकिन कुछ ऐसे कार्य हैं जिसे किया जा सकता है या जारी रखा जा सकता है। आईए, जानते हैं इनके बारे में....

1) अगर आपकी कुंडली में गुरु बृहस्पति धनु राशि में हैं तो इस स्थिति में आप शुभ कार्य कर सकते हैं।

2) शादी से जुड़ी खरीदारी अगर आपने शुरू कर दी है तो इसे आप इन दिनों में भी जारी रख सकते हैं। पहले से शुरू हो चुकी शॉपिंग के लिए जरूरी नहीं कि आप एक महीने के लिए इंतजार करें और फिर से शुरू करें।

3) ऐसे ही अगर आप घर का निर्माण करा रहे हैं और ये कार्य पहले से शुरू हो चुका है तो आप इसे इन दिनों में भी जारी रख सकते हैं। हालांकि, छत डालने से पहले अपने पुरोहित की राय जरूर लें।

4) इन दिनों को श्राद्ध कर्मों के लिए अनुकूल माना गया है। ऐसे में आप पितरों से जुड़े अनुष्ठान और श्राद्ध कार्य कर सकते हैं। इन दिनों में आप किसी भी पवित्र शहर मसलन गया आदि जाकर पितरों का श्राद्ध कर सकते हैं। खरमास में जलदान का भी बहुत महत्व है।

5) मलमास में भगवान विष्णु की पूजा विशेष तौर पर करनी चाहिए। इन दिनों में श्रीमदभागवत गीत, विष्णु पुराण आदि पढ़ना चाहिए। दरअसल, इस मास का अधिपति भगवान विष्णु को माना गया है। मान्यता है कि इन दिनों में भगवान विष्णु की पूजा से सभी पापों का नाश होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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