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Chaturthi Vrat: फाल्गुन शुक्ल की चतुर्थी पर करें गणेश पूजन, रखें व्रत, लंबोदर को अर्पित करें दूर्वा के साथ शमी के पत्ते, होंगी सारी मनोकामनाएं पूर्ण

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: March 13, 2024 06:52 IST

भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्तों को लिए सबसे उत्तम लग्न आया है। जी हां, आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष के दिन चतुर्थी का व्रत किया जाए तो भगवान विनायक अपने भक्तों को मनोवांछित फल देते हैं।

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ठळक मुद्देफाल्गुन शुक्ल पक्ष के दिन चतुर्थी का व्रत किया जाए तो भगवान विनायक सारी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैंफाल्गुन शुक्ल के चतुर्थी का व्रत करने से घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती हैज्यादातक महिलाएं चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का पूजन करती हैं और व्रत रखती हैं

Chaturthi Vrat: भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्तों को लिए सबसे उत्तम लग्न आया है। जी हां, आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष के दिन चतुर्थी का व्रत किया जाए तो भगवान विनायक अपने भक्तों को मनोवांछित फल देते हैं।

सनातन धर्म में मान्यता है कि जो लोग चतुर्थी व्रत करते हैं, उनके घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। यही कारण है कि ज्यादातक महिलाएं चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का पूजन करती हैं और व्रत रखती हैं।

इस संबंध में काशी के ज्योतिषियों का कहना है कि चतुर्थी पर व्रत करने के साथ भक्तों को किसी गणेश मंदिर जाना चाहिए। जहां वो दूर्वा और शमी के पत्ते के साथ भगवान गणेश का पूजन-अर्चन करें। भक्त गणेश पूजा में शमी पत्ते, चावल, फूल, सिंदूर चढ़ाएं और त्वत्प्रियाणि सुपुष्पाणि कोमलानि शुभानि वै। शमी दलानि हेरम्ब गृहाण गणनायक।। का जाप करें।

इसके अलावा अगर हम दूर्वा की बात करें तो यह गणेश जी को अत्यंत प्रिय है। गणेश पूजन में 22 दूर्वा को एक साथ जोड़कर उन्हें 11 जोड़े में भगवान को अर्पित करना चाहिए। पूजा के लिए किसी मंदिर प्रांगण में उगी हुई या किसी साफ जगह पर उगी हुई दूर्वा ही लेनी चाहिए।

गणेश जी की पूजा में इस्तेमाल करने से पहले दूर्वा को स्वच्छ जल से धो लेना चाहिए और दूर्वा चढ़ाते समय गणेश जी के 11 नाम के मंत्र का जप करना चाहिए।

गणेश जी के 11 नाम का मंत्र

ऊँ गं गणपतेय नम:, ऊँ गणाधिपाय नमः, ऊँ उमापुत्राय नमः, ऊँ विघ्ननाशनाय नमः, ऊँ विनायकाय नमः, ऊँ ईशपुत्राय नमः, ऊँ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः, ऊँएकदन्ताय नमः, ऊँ इभवक्त्राय नमः, ऊँ मूषकवाहनाय नमः, ऊँ कुमारगुरवे नमः

बुध ग्रह के लिए चतुर्थी पर करें ये शुभ काम

इसके साथ काशी के ज्योतिषियों ने बताया कि बुधवार का कारक ग्रह बुध को माना जाता है। इसिलए जिन जातकों की कुंडली में बुध ग्रह से जुड़े दोष हैं, उन्हें बुद्धि से संबंधित कामों में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए बुध ग्रह के दोषों का असर कम करने के लिए हर बुधवार बुध ग्रह की विशेष पूजा करनी चाहिए।

इसके लिए बुध ग्रह को हरे मूंग चढ़ाएं। बुध के मंत्र ऊँ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः का जप करना चाहिए और पूजा के बाद जरूरतमंद लोगों को हरे मूंग का दान करना चाहिए।

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