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12 Jyotirlinga Name: पढ़े देश में स्थित 12 ज्योतिर्लिंग के बारे में, जानिए किसके दर्शन से मिलता है कैसा फल

By मेघना वर्मा | Updated: November 18, 2019 06:58 IST

मान्यता है कि जिसने इन 12 ज्योतिर्लिंगों का दर्शन कर लिया उन्हें सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इनमें से कुछ ज्योतिर्लिंग पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर है तो कुछ शहर के बीचो-बीच। मगर इन सभी ज्योतिर्लिंगों में 12 महीने श्रद्धालुओं की भीड़ लगी होती है।

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ठळक मुद्देहिन्दू धर्म में शिव के 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन को बेहद महत्ता दी जाती है।कहते हैं भगवान शिव खुद इन 12 ज्योतिर्लिंगों के रूप में मंदिरों में विराजमान हैं।

हिन्दू धर्म में भगवान शिव को सबसे पूजनीय माना गया है। देवों में देव महादेव की पूजा देश भर में अलग-अलग रूप में की जाती है। भगवान शिव अपने 12 रुपों में देश भर के अलग-अलग हिस्सों में विराजमान है। जिन्हें 12 ज्योतिर्लिंगों के रूप में पूजा जाता है। 

मान्यता है कि जिसने इन 12 ज्योतिर्लिंगों का दर्शन कर लिया उन्हें सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इनमें से कुछ ज्योतिर्लिंग पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर है तो कुछ शहर के बीचो-बीच। मगर इन सभी ज्योतिर्लिंगों में 12 महीने श्रद्धालुओं की भीड़ लगी होती है। आइए आपको बताते हैं कौन से हैं वो 12 ज्योतिर्लिंग और कहां है स्थित।

1. सोमनाथ

गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को सबसे पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। कहते हैं इसकी नींव स्वयं चंद्रदेव ने रखी थी। इसका उल्लेख ऋृग्वेद में भी मिलता है। 

2. मल्लिकार्जुन

आंध्र प्रदेश की कृष्णा नदी के तट पर स्थित ये ज्योतिर्लिंग श्रीशैल पर्वत पर स्थित है। मान्यता है कि इसके दर्शन मात्र से ही सारे पाप कट जाते हैं। 

3. महाकालेश्वर

मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर स्थित यह ज्योतिर्लिंग भारत का एक मात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है जो दक्षिणमुखी है। इसलिए ये विश्वभर में विख्यात है। हर साल लोग लाखों की संख्या में यहां दर्शन करने आते हैं। 

4. ओंकार्श्वर

मध्य प्रदेश में ही नर्मदा नदी के किनारे यर ज्योतिर्लिंग स्थित है। कहते हैं इनके दर्शन मात्र से ही पुरूषार्थ चतुष्टय की प्राप्ति होती है। य ज्योतिर्लिंग ऊं के आकार का है। इसलिए इसका नाम ओंकारेश्वर नाम से जाना जाता है।

5. केदारनाथ 

हिमालय की केदारनाथ की चोटी पर स्थित ये ज्योतिर्लिंग जितना खूबसूरत है उतना मनमोहक भी। बाबा केदार की यात्रा जितनी कठिन है उतनी ही फलदायी भी। केदारनाथ में भोलेबाबा नंदी के पीठ के रूप में स्थापित हैं। जिसे देखने लाखों लोग यहां आते हैं। केदारनाथ का वर्णन स्कन्द पुराण और शिव पुराणों में मिलता है। 

6. भीमाशंकर

भीमाशंकर महाराष्ट्र के पुणे में स्थित है। यह ज्योतिर्लिंग का आकार काफी मोटा है इसीलिए इसे मोटेश्वर महादेव भी कहा जाता है। कहते हैं जो भक्त इस मंदिर में दर्शन करता है उसके सारे पाप कट जाते हैं। 

7. विश्वनाथ

काशी नगरी को भोले की नगरी भी कहा जाता है। इस नगरी में भोले बाबा का ये ज्योतिर्लिंग शहर के बीचो-बीच बसा है। बावजूद इसके इस मंदिर में लम्बी लाइन लगती है। कहा जाता है कि हिमालय को छोड़कर भगवान शिव यहीं रहने आए थे। हिन्दू धर्म में सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्यधिक महत्व बताया जाता है। 

8. त्रयंबकेश्वर

यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक से कुछ किलोमीटर की दूर पर है। इसके सबसे अधिक करीब ब्रह्मागिरी पर्व है। इसी पर्वत से गोदावरी नदी शुरू होती है। जिसका वृहंग दृश्य आप इस ज्योतिर्लिंग से देख सकते हैं।

9. बैजनाथ

बिहार में स्थित इस ज्योतिर्लिंग की बहुत महत्ता बताई जाती है। कहा जाता है कि रावण ने तप के बल से शिव को लंका ले जा रहे थे मगर रास्ते में व्यवधान आ जाने से शर्त के अनुसार शिव जी को यहीं स्थापित कर दिया। तब से इसकी महत्ता और बढ़ गई। 

10. रामेश्वरम

तमिलनाडु राज्य के रामनाथ पुरं नामक स्थान में स्थित यह ज्योतिर्लिंग बेहद खूबसूरत है। कहा जाता है कि लंका पर चढ़ाई करने से पहले भगवान राम ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। राम के द्वारा स्थापित किए गए इस ज्योतिर्लिंग का नाम रामेश्वरम पड़ गया। 

11. नागेश्वर

गुजरात में द्वारकापुरी से 17 मील दूर यह ज्योतिर्लिंग अवस्थित है। कहा जाता है कि इसका नाम भगवान ने खुद रखा था। यहां दर्शन करने से भक्तों के सभी पाप कट जाते हैं। 

12. घृश्णेश्वर

महाराष्ट्र के दौलताबाद से 12 मील दूर बेरुल गांव में इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना की गई थी। इसके दर्शन से लोगों को आत्मिक शांति प्राप्त होती है। हर साल यहां लोग हजारों की संख्या में दर्शन के लिए आते हैं। 

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