एआईएमआईएम(ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि देश को गृह मंत्री गुमराह कर रहे हैं। NPR और NRC में कोई अंतर नहीं है।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इसके विरोध में प्रदर्शन करने के लिए सभी राजनीतिक दल को एक साथ आना होगा। गृह मंत्री देश को गुमराह कर रहे हैं। एनआरसी मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के जरिए राष्ट्रीय रजिस्ट्री बनाने का काम पहले ही शुरू कर चुकी है।
हैदराबाद के सांसद ने कहा कि मोदी को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झूठ बोला था, जब उन्होंने संसद को सूचित किया था कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब देश भर में एनआरसी होगा तो हर भारतीय को दिक्कत होगी। भारत के पांच प्रतिशत लोगों के पास भी पासपोर्ट नहीं हैं।
कल्पना कर सकते हैं कि करोड़ों लोग लाइन में लगे रहेंगे, किसलिए..अपनी नागरिकता साबित करने के लिए और कौन तय करेगा? प्रधानमंत्री को यह भी बताना चाहिए । ओवैसी ने कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के जरिए एनआरसी पर काम शुरू हो चुका है और वह भाजपा को उन्हें गलत साबित करने की चुनौती देते हैं।
उन्होंने कहा कि निचले स्तर का कोई भी अधिकारी एनपीआर में गलती कर सकता है और यह गलती एनआरसी में भी रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा मुझे गलत साबित कर दे।’’ ओवैसी ने कहा कि अगर मोदी कह दें कि गृह मंत्री ने सदन में एनआरसी पर गलत बयान दिया था, तो वह अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएंगे।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने भी एक न्यूज चैनल से यह कहा था कि समूचे देश में एनआरसी लागू किया जाएगा । ओवैसी ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि प्रधानमंत्री राष्ट्र को क्यों गुमराह कर रहे हैं। यह उनके पद को शोभा नहीं देता।’’