लाइव न्यूज़ :

राजस्थान में सियासी उठापटक के बीच नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार से की ये मांग, कहा- राजस्थान पुलिस के भरोसे ना छोड़ें कानून व्यवस्था

By सुमित राय | Updated: July 24, 2020 18:17 IST

राजस्थान में जारी सियासी उठापटक के बीच नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने केंद्र सरकार से सीआरपीएफ तैनात करने की मांग की है और कहा है कि कानून व्यवस्था को राजस्थान पुलिस के भरोसे ना छोड़ें।

Open in App
ठळक मुद्देराजस्थान विधानसभा नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं अपने जाल में फंस गए हैं और निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा।कटारिया ने कहा कि आज जो रास्ता ढूंढा है वो इस गरिमामय पद को गिराने वाला ही साबित होगा।

राजस्थान में जारी सियासी उठापटक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को कांग्रेस विधायकों के साथ राजभवन पहुंचे और राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की। इस दौरान विधायक ने विधानसभा सत्र नहीं बुलाए जाने को लेकर राजभवन में धरने पर बैठ गए और वी वॉन्ट जस्टिस के नारे लगाए।

कांग्रेस विधायकों द्वारा ऐसा किए जाने पर राजस्थान विधानसभा नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने सवाल उठाया है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री ने जो रास्ता ढूंढा है वो इस गरिमामय पद को गिराने वाला ही साबित होगा।

गुलाब चंद कटारिया ने कहा, "मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री स्वयं अपने जाल में फंस गए। प्रारंभ से अब तक इनको निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला और आज जो रास्ता ढूंढा है वो इस गरिमामय पद को गिराने वाला ही साबित होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि समय की स्थिति को देखते हुए राजस्थान की पुलिस के भरोसे कानून व्यवस्था को न छोड़कर सीआरपीएफ (CRPF) को निश्चित रुप से यहां पोस्ट करना चाहिए।"

राजभवन पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके समर्थक विधायक 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने समर्थक विधायकों के साथ राजभवन पहुंचे। वह अपने समर्थकों की परेड राज्यपाल कलराज मिश्र के सामने कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के आग्रह के बावजूद ‘ऊपर से दबाव’ के कारण राज्यपाल विधानसभा का सत्र नहीं बुला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके पास बहुमत है और विधानसभा में “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। 

गहलोत ने कहा, 'हमारा मानना है कि ऊपर से दबाव के कारण वह (राज्यपाल) अभी विधानसभा सत्र बुलाने के लिए निर्देश नहीं दे रहे हैं। इस बात का हमें बहुत दुख है। जबकि हम सत्र बुलाना जाना चाहते हैं।' उन्होंने कहा, 'कैबिनेट के फैसले के बाद हमने माननीय राज्यपाल महोदय को पत्र लिखकर आग्रह किया कि हम चाहते हैं कि विधानसभा का सत्र बुलाएं और वहां राजनीतिक हालात, कोरोना व लॉकडाउन के बाद के आर्थिक हालात पर चर्चा हो। हमें उम्मीद थी कि वह रात को ही विधानसभा सत्र बुलाने का आदेश जारी कर देंगे। रात भर इंतजार किया लेकिन अभी तक उनका कोई जवाब नहीं आया।' 

टॅग्स :अशोक गहलोतराजस्थान सरकारराजस्थानकांग्रेस
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टपत्नी की गला रेतकर हत्या और पति ने खुद को चाकू से वार कर आत्महत्या का किया प्रयास

क्राइम अलर्टराजस्थान सड़क हादसाः पुलिस उपनिरीक्षक सहित 4 लोगों की मौत, भरतपुर में तेज रफ्तार कार ने 3 को कुचला

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

राजनीति अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील