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विधायक पद से इस्तीफे को लेकर चाचा-भतीजा आमने-सामने, अभय चौटाला बोले-दुष्यंत की जजपा का भाजपा में विलय होगा

By बलवंत तक्षक | Updated: January 15, 2021 18:04 IST

अभय चौटाला ने विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता को ईमेल से भेजे अपने इस्तीफे में कहा था कि अगर कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के पक्ष में 26 जनवरी तक कोई फैसला नहीं होता तो उनके इस पत्र को इस्तीफा समझा जाए.

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ठळक मुद्देअभय के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएंगे : दुष्यंत.27 जनवरी से विधानसभा छोड़ने का ऐलान किया है.दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिस सदन के उनके चाचा पांचवीं बार सदस्य बने हैं, उसे संवेदनहीन कैसे कह सकते हैं?

चंडीगढ़ः हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रधान महासचिव अभय चौटाला विधायक पद से इस्तीफे को लेकर आमने-सामने हो गए हैं.

अभय और दुष्यंत रिश्ते में चाचा-भतीजा हैं. अभय चौटाला ने ऐलनाबाद क्षेत्र के विधायक पद से इस्तीफा भेजते हुए कहा कि वे किसानों के मुद्दे पर संवेदनहीन विधानसभा में नहीं रहना चाहते हैं, इसलिए विधायक पद से इस्तीफा दे रहे हैं. इसी मामले में दुष्यंत ने अब अपने चाचा को घेरने की तैयारी कर ली है.

अभय चौटाला ने विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता को ईमेल से भेजे अपने इस्तीफे में कहा था कि अगर कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के पक्ष में 26 जनवरी तक कोई फैसला नहीं होता तो उनके इस पत्र को इस्तीफा समझा जाए. उन्होंने 27 जनवरी से विधानसभा छोड़ने का ऐलान किया है.

इस पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिस सदन के उनके चाचा पांचवीं बार सदस्य बने हैं, उसे संवेदनहीन कैसे कह सकते हैं? यहां तक कि कोई भी नया विधायक जब सदन में आता है तो कहता है कि यह लेाकतंत्र का मंदिर है. उस मंदिर को कोई सदस्य संवेदनहीन कैसे कह सकता है? यदि ऐसा है तो उन्हें दोबारा चुनाव लड़ कर सदन में नहीं आना चाहिए था. अब आ गए हैं तो उन्हें सदन की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए.

सदन की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त के बाहर: उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता को इस्तीफा संबंधी पत्र मिलते ही तकनीकी पहलुओं को देखते हुए कार्यवाही करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त के बाहर है.

उन्होंने इस मामले में अभय के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का जिक्र करते हुए कहा कि जजपा की रणनीति यह है कि कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों से भी इस पर हस्ताक्षर करवाए जाएंगे. विपक्ष में भी कई सदस्य स्पीकर रह चुके हैं और वे भी इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि सदन की गरिमा का ख्याल रखना जरूरी है.

जजपा का भाजपा में विलय निश्चित: अपने भतीजे की रणनीति पर प्रतिक्रि या वक्त करते हुए अभय चौटाला बोले कि जजपा का भाजपा में विलय निश्चित है. पार्टी में भगदड़ की स्थिति है. इसी मुद्दे पर बात करने के लिए अपने विधायकों के साथ दुष्यंत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली गए थे.

दुष्यंत अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं, जबकि विधायक पद मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता. आज भी उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भिजवाया है. अगर स्पीकर अब भी इसे मंजूर नहीं करेंगे तो वे 27 जनवरी को खुद ट्रैक्टर चला कर इस्तीफा देने विधानसभा पहुंचेंगे.

टॅग्स :जननायक जनता पार्टीहरियाणाअभय सिंह चौटालाइंडियन नेशनल लोक दलदुष्यंत चौटालाभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)मनोहर लाल खट्टरअमित शाह
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