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Gujarat News: राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, 5 विधायकों ने दिया इस्तीफा, जानें पूरा मामला

By महेश खरे | Updated: March 15, 2020 18:48 IST

राज्यसभा चुनाव से पहले ही रिसोर्ट पॉलिटिक्स में जुटी कांग्रेस के कुछ और विधायक देर रात तक इस्तीफा दे सकते हैं. 7-8 विधायक कांग्रेस नेतृत्व से नाराज बताए जाते हैं.

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ठळक मुद्दे182विधायकों वाली गुजरात विधानसभा में दो सीटें द्वारिका और मोडवाहडफ खाली हैं. भाजपा26 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए 37 मत चाहिए.

अहमदाबाद: राज्यसभा चुनाव से पहले ही गुजरातकांग्रेस को झटका लगा है. राज्य में कांग्रेस के चार विधायकों के इस्तीफे के बाद एक और विधायक ने इस्तीफा दे दिया है. गुजरात में राज्यसभा की 4 सीटों पर 26 मार्च को होने वाले चुनाव से पहले राज्य में कांग्रेस के 5 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी को अपने इस्तीफे सौंप दिए. 

कांग्रेस के पांचों विधायकों के इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिए हैं. त्रिवेदी ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि वह सोमवार को विधानसभा में विधायकों के नामों की घोषणा करेंगे. इसके साथ ही 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 73 से कम होकर 68 हो गई है .

हालांकि कांग्रेस के सचेतक अश्विन कोटवाल ने कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे की खबर को कोरी अफवाह बताया है. ये हैं वे विधायक!: लींबडी के विधायक सोमाभाई पटेल और धारी के विधायक जे.बी. काकिडया ने बीती रात 12.30 बजे के आसपास अपने इस्तीफे दे दिए. 

दोपहर होते-होते अबडासा के प्रद्युम्नसिंह जाडेजा, डांग के मंगल गावित और गढ्डा के प्रवीण मारु के इस्तीफे की खबर भी आ गई. प्रवीण पहले विधायक हैं, जिन्होंने इस्तीफा देने की पुष्टि की है. प्रवीण ने दावा दिया है कि उन्होंने दो दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया था.

7-8 विधायक नाराज

राज्यसभा चुनाव से पहले ही रिसोर्ट पॉलिटिक्स में जुटी कांग्रेस के कुछ और विधायक देर रात तक इस्तीफा दे सकते हैं. 7-8 विधायक कांग्रेस नेतृत्व से नाराज बताए जाते हैं. इस्तीफा देने वाले विधायकों से नेतृत्व का संपर्क नहीं हो पा रहा है. उनके मोबाइल भी स्विच ऑफ हैं.

नाराजगी के अपने अपने कारण 

सोमाभाई ने पार्टी में कोली समाज की उपेक्षा के मुद्दे पर इस्तीफा दिया है. राज्यसभा चुनाव में उन्होंने कोली समाज के नेता को टिकट देने की मांग उठाई थी. प्रद्युम्न सिंह ने तो सार्वजनिक रूप से नाराजगी के कारण बताए और कांग्रेस नेतृत्व से पांच सवालों का जवाब मांगा. इधर मांगरोल विधायक बाबूभाई वाजा और जूनागढ़ के भीखाभाई जोशी को कल राजस्थान चलने की सूचना दी गई थी, लेकिन वे नहीं गए और अपने घरों में ही हैं.

उधर करजण के विधायक अक्षय पटेल दिल्ली रवाना हो रहे हैं वे वहां वरिष्ठ नेताओं को अपनी समस्याएं और नाराजगी के कारण बताएंगे. धानाणी के गढ़ में सेंध भाजपा ने राज्यसभा के रण में तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए विपक्ष के नेता परेश धानाणी के गढ़ में ही सेंध लगा दी. बताया जाता है कि धारी के विधायक जेबी काकिड़या ने पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली से नाराज होकर त्यागपत्र दिया है.धानाणी ने एक ट्वीट करके कहा है कि पार्टी में जो ईमानदार हैं वे इस्तीफा नहीं देंगे. 

डैमेज कंट्रोल पर कांग्रेस की बैठक 

विधायकों के इस्तीफों और नाराजगी की खबरों से चिंतित प्रदेशाध्यक्ष अमित चावड़ा ने अपने गांधीनगर स्थित निवास पर डैमेज कंट्रोल बैठक बुलाई. बैठक में कपड़वंज के विधायक कालू डाभी और लाठी के विधायक वीरजी ठुम्मर सहित कुछ बड़े नेता उपस्थित रहे. कांग्रेस टूटी नहीं तोड़ी गई है- कगथरा: कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक ललित कगथरा ने सोमाभाई और काकडि़या के इस्तीफे की खबर की पुष्टि करते हुए कहा हमारे मित्रों का भाजपा से जुड़ना पार्टी के लिए अत्यंत दुखद और आघात पहुंचाने वाला है. लेकिन कांग्रेस टूटी नहीं है तोड़ी गई है. 

जनता इसके लिए भाजपा को कभी माफ नहीं करेगी. 12 विधायक भाजपा के निशाने पर सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर जो रणनीति बनाई है उसके तहत कांग्रेस के कम से कम 5 विधायकों के इस्तीफे दिलवाए जाएंगे. सात-आठ अन्य विधायकों से मतदान के समय क्र ॉस वोटिंग कराने का लक्ष्य रखा गया है. इस तरह भाजपा के तीसरे प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए जोड़-तोड़ के पांसे फेंकने शुरू हो गए हैं. भाजपा की रणनीति कामयाब हुई तो कांग्रेस का एक प्रत्याशी ही राज्यसभा पहुंच पाएगा. 

क्या है नंबर गेम 

182विधायकों वाली गुजरात विधानसभा में दो सीटें द्वारिका और मोडवाहडफ खाली हैं. भाजपा के 103 जबकि कांग्रेस के 73 विधायक हैं. 26 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए 37 मत चाहिए. इस हिसाब से भाजपा को 8 और कांग्रेस को दो सीटें जीतने के लिए 1 अतिरिक्त मत की जरूरत पड़ेगी. दो बीटीपी के, एक राकांपा का व एक निर्दलीय विधायक है. बीटीपी अपने पत्ते अंतिम क्षणों में खोलेगी जबकि राकांपा और निर्दलीय कांग्रेस का साथ देने का ऐलान कर चुके हैं.

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