Air Pollution: एनसीआर में हवा खराब, मुंडका, वजीरपुर और अलीपुर में प्रदूषण ‘गंभीर श्रेणी’, see pics

By सतीश कुमार सिंह | Published: October 24, 2020 03:36 PM2020-10-24T15:36:58+5:302020-10-24T15:37:24+5:30

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दिल्ली की वायु गुणवत्ता शनिवार को भी ''बेहद खराब'' श्रेणी में बरकरार रही। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 346 रहा। सरकारी एजेंसियों ने कहा कि शनिवार शाम तथा रविवार को वायु गुणवत्ता और खराब होगी।

अधिकारियों ने कहा कि मुंडका, वजीरपुर और अलीपुर में वायु प्रदूषण का स्तर ''गंभीर'' है। सरकारी एजेंसियों ने अनुमान जताया है कि अगले दो दिन में वायु गुणवत्ता और खराब होगी। शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 366 रहा था जबकि उससे एक दिन पहले यह 302 था।

उल्लेखनीय है कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली ‘सफर’ ने कहा है कि दिल्ली के पड़ोसी हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों में पराली जलाये जाने के मामलों में काफी वृद्धि होने की बात सामने आई है। बृहस्पतिवार को ऐसे 1,213 मामले सामने आए थे।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा विकसित वायु गुणवत्ता सूचकांक निगरानी मोबाइल ऐप 'समीर' के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली के 10 निगरानी केन्द्रों में वायु गुणवत्ता ''गंभीर'' श्रेणी में दर्ज की गई है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता का स्तर गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में ‘गंभीर’ तथा फरीदाबाद, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में ‘गंभीर’ के करीब दर्ज किया गया। एक सरकारी एजेंसी ने यह जानकारी दी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आधार पर दिल्ली के चार निकटस्थ पड़ोसी जिलों में सुबह के दौरान प्रदूषण के प्रमुख कारक पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई।

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में है जो शुक्रवार सुबह 374 और शाम के समय 366 दर्ज किया गया। एक दिन पहले यह 302 था। पृथ्वी विज्ञान की वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली ‘सफर’ के मुताबिक दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से विकसित 'समीर' ऐप के अनुसार दिल्ली में 10 निगरानी केंद्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। अलीपुर में यह सूचकांक 447, शादीपुर में 441, मुंडका में 419, वजीरपुर में 432, आनंद विहार में 405, बवाना में 413, विवेक विहार में 422, रोहिणी में 401, जहांगीरपुरी में 418 और पटपड़गंज में 405 दर्ज किया गया। सफर के अनुसार दिल्ली क्षेत्र में हवा की गति बहुत शांत है और अगले दो दिन तक भी इसके ऐसे ही रहने का पूर्वानुमान है।

सफर ने कहा, ‘‘ ऐसा पूर्वानुमान है कि 24 और 25 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता ‘अत्यंत खराब’ के उच्चतम स्तर और यहां तक कि ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच सकती है।’’ सफर ने बताया कि हरियाणा, पंजाब और पड़ोसी क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है और बृहस्पतिवार को इनकी संख्या 1,213 थी। हवा की गति अभी प्रदूषक तत्वों को दिल्ली की तरफ धकेलने के लिए बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं है। आज पराली से दिल्ली में पीएम 2.5 का योगदान 17 फीसदी दर्ज किया गया।

दिल्ली सरकार ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण के बारे में जागरूकता लाने के लिए ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान शुरू किया है जिसके लिए इसने दिल्ली में 100 ट्रैफिक सिग्नलों पर 2,500 पर्यावरण मार्शल तैनात किए हैं। इस अभियान को दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में 26 अक्टूबर से क्रियान्वित किया जाएगा जो 15 नवंबर तक चलेगा।