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Surendranagar: कौन हैं जीत शाह?, कोविड लॉकडाउन में ऐसे किया कारनामा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 11, 2025 11:57 IST

सुबह क्लास, दोपहर में डिलीवरी और रात को सपनों की प्लानिंग—जीत का रूटीन कुछ ऐसा ही था।

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ठळक मुद्देफूड डिलीवरी का काम शुरू किया। डिजिटल मार्केटिंग में महारत हासिल की।

Surendranagar: जीत शाह की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को सच करना चाहता है। गुजरात के सुरेंद्रनगर में 3 जून 1999 को जन्मे जीत ने साबित कर दिया कि मेहनत और जज्बा हो, तो मुश्किल हालात भी आपका रास्ता नहीं रोक सकते। जीत ने अहमदाबाद के एलडी इंजीनियरिंग कॉलेज से 2021 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। लेकिन कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने समझ लिया था कि सिर्फ पढ़ाई से कुछ बड़ा हासिल नहीं होगा। पढ़ाई के साथ उन्होंने Swiggy और Uber Eats में फूड डिलीवरी का काम शुरू किया। सुबह क्लास, दोपहर में डिलीवरी और रात को सपनों की प्लानिंग—जीत का रूटीन कुछ ऐसा ही था।

लॉकडाउन बना टर्निंग पॉइंट

2020 में कोरोना महामारी के चलते जब लॉकडाउन लगा, तो जीत ने फूड डिलीवरी की नौकरी छोड़ दी। खाली समय का इस्तेमाल उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग सीखने में किया। घंटों मेहनत और ऑनलाइन रिसर्च के दम पर उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग में महारत हासिल की।

डिजिटल मार्केटिंग में धमाकेदार एंट्री

2021 में जीत ने "सिंपेक्स स्कूल प्राइवेट लिमिटेड" की शुरुआत की। यह कंपनी डिजिटल मार्केटिंग सिखाने और छोटे व्यापारियों की मदद करने के लिए बनाई गई थी। सिर्फ डेढ़ साल में जीत की कंपनी ने 1 लाख से ज्यादा छात्रों, व्यापारियों और युवाओं को ट्रेनिंग दी है।

सोशल मीडिया से मिली नई पहचान

डिजिटल मार्केटिंग के साथ-साथ जीत ने अपना यूट्यूब चैनल के साथ और भी सोशल मीडिया पर इन्फ्लूएसर के तौर पर काम शुरू किया। यहां वो बिज़नेस, पर्सनल ग्रोथ और डिजिटल मार्केटिंग के टिप्स देते हैं। उनके चैनल पर आज लाखों में सब्सक्राइबर्स हैं।

लेखन में भी दिखाया दम

जीत ने 2021 में "कोचिंग किंग" नाम की किताब लिखी,  इस किताब ने उन्हें एक लेखक के रूप में भी पहचान दिलाई।

आज का जीत शाह

आज जीत शाह एक सफल डिजिटल एंटरप्रेन्योर, कोच और यूट्यूबर हैं। करोड़ों का कारोबार खड़ा कर चुके जीत की कहानी हर उस इंसान को प्रेरणा देती है, जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखता है।

जीत का संदेश

"पढ़ाई जरूरी है, लेकिन उससे भी जरूरी है अपने सपनों को पहचानना और उनके लिए मेहनत करना।"

तो दोस्तों, जीत शाह की कहानी हमें सिखाती है कि मुश्किलें चाहे जितनी भी हों, अगर आप मेहनत और सही दिशा में काम करें, तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है।

टॅग्स :गुजरातकोरोना वायरसCoronaदिल्लीमुंबई
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