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महाराष्ट्र: बाढ़ में गई 253 लोगों, 4230 पशुओं की जान, राज्य में 4.17 लाख हेक्टेयर फसली क्षेत्र, एक लाख मकान क्षतिग्रस्त

By नितिन अग्रवाल | Updated: November 20, 2019 08:13 IST

लोकसभा में उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार सबसे अधिक 674 लोगों को मध्यप्रदेश और 227 को पश्चिम बंगाल में अपनी जान गंवानी पड़ी.

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ठळक मुद्देएक सवाल के जवाब में राज्यमंत्री ने बताया कि आपदा प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है.बाढ़ के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की कुल 176 टीमें 8 अगस्त को तैनात कर दी गई थीं. इन्होंने 98962 व्यक्तियों और 617 पशुओं की जान बचाई.

महाराष्ट्र में भारी बारिश और बाढ़ के चलते भारी नुकसान हुआ है. राज्य में 253 व्यक्तियों और 4230 पशुओं की मौत हो गई. इसके अतिरिक्त किसानों की 4.17 लाख हेक्टेयर फसल भी बर्बाद हुई और 1.09 लाख से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए. गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान देशभर में 2391 लोगों और 15,729 पशुओं की मौत हुई. इस बारिश से 63.975 लाख हेक्टेयर फसल क्षेत्र बर्बाद हुआ और 8 लाख से अधिक मकानों को नुकासान हुआ.

मंत्री द्वारा लोकसभा में उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार सबसे अधिक 674 लोगों को मध्यप्रदेश और 227 को पश्चिम बंगाल में अपनी जान गंवानी पड़ी. बारिश के चलते सबसे अधिक 4230 पशु महाराष्ट्र और 3400 कर्नाटक में मारे गए. सबसे अधिक माकन असम (1.31 लाख), मध्यप्रदेश (1.18 लाख) और कर्नाटक में (1.15 लाख) क्षतिग्रस्त हुए. फसलों का सबसे अधिक नुकसान राजस्थान (27.36 लाख है.), कर्नाटक (9.35 लाख है.) और उत्तरप्रदेश (8.88 लाख है.) में हुआ.

एक सवाल के जवाब में राज्यमंत्री ने बताया कि आपदा प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है. केंद्र सरकार स्थिति से प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए हर संभव लॉजिस्टिक और आर्थिक सहायता देती है. उन्होंने बताया कि आपदा से हुए नुकसान के आंकलन के लिए महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश सहित 14 राज्यों के लिए अंतर मंत्रालयी केंद्रीय दल (आईएमसीटी) का गठन किया गया.

एनडीआरएफ ने बचाई 98,962 लोगों की जान

बाढ़ के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की कुल 176 टीमें 8 अगस्त को तैनात कर दी गई थीं. इन्होंने 98962 व्यक्तियों और 617 पशुओं की जान बचाई. इसके अतिरिक्त 23,869 लोगों को चिकित्सीय सहायदा दी गई. महाराष्ट्र में सबसे अधिक 70 टीमों को बचाव कार्य में लगाया गया जिन्होंने 38260 लोगों की जान बचाई.

महाराष्ट्र ने मांगे 2110 करोड़, 600 करोड़ मंजूर

एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने लोकसभा में बताया कि बारिश के चलते हुए नुकसान के लिए महाराष्ट्र की ओर से 2110.62 करोड़ रु पए की मांग की गई. आईएमसीटी की रिपोर्ट के आधार पर महाराष्ट्र के लिए इसमें से 600 करोड़ रु पए मंजूर किए गए हैं. उच्च स्तरीय समिति द्वारा आईएसटीएम की रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) के तहत अंतिम अतिरिक्त वित्तीय सहायता पर विचार किया जाएगा.

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