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World Population Day 2020: 11 जुलाई को क्यों मनाया जाता है विश्व जनसंख्या दिवस, जानें इसका इतिहास

By प्रिया कुमारी | Updated: July 11, 2020 09:45 IST

11 जुलाई को हर साल विश्न जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। ये दिन दुनिया भर में बढ़ रहे जनसंख्या को लेकर होने वाली समस्या को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है।

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ठळक मुद्दे11 जुलाई को मनाया जाता है विश्व जनसंख्या दिवस, लड़कियों-महिलाओं के स्वास्थ्य और अधिकार इस बार की थीम ये दिन बढ़ती जनसंख्या को लेकर दुनिया भर में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है।

हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है, ये दिन बढ़ती जनसंख्या को लेकर दुनिया भर में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। किस तरह जनसंख्या दिन-प्रतिदिन कैसे बढ़ रही है और अधिक जनसंख्या के कारण कई समस्याएं जैसे योजनाएं, लैंगिक समानता, गरीबी, मातृ स्वास्थ्य की देखरेख में मुश्किल जैसी समस्याएं पैदा होती है। इसी तरह अगर जनसंख्या बढ़ते रही तो दुनिया में बहुत बड़ा संकट आ सकता है। लोगों को जनसख्ंया के प्रति जागरूक करने के लिए इस दिन को मनाया जाता है। 

कब से हूई थी जनसंख्या दिवस की शुरुआत

इस दिन लोगों को याद दिलाता है कि दुनिया में किस तरीके ले लगातार जनसंख्या बढ़ती जा रही है, जिसे रोकना हमारे लिए बेहद जरूरी है। जनसंख्या दिवस मनाने की शुरुआत 1989 से हुई थी। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की आम सभा ने बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए इस दिन को मनाने का निर्णय लिया। जिसके बाद से 11 जुलाई को हर साल जनसंख्या मनाया जाने लगा। हर साल विश्व जनसंख्या दिवस पर संयुक्त राष्ट्र की तरफ से थीम रखी जाती है। 

क्या है थीम

इस साल का थीम कोरोना महामारी के समय में दुनिया भर महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य और अधिकारों की सुरक्षा पर आधारित है। यूएनएफपीए के एक रिपोर्ट के अनुसार लॉकडाउन के दौरान अनियोजित गर्भधारण के कारण संख्या बढ़ने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी गड़बड़ी होती है, तो कम और मध्यम आय वाले देशों में 47 मिलियन महिलाओं को आधुनिक गर्भ निरोधक नहीं मिल पाएंगे।

बता दें वहीं साल 2019 में जनसंख्या दिवस की थीम फैमिली प्लानिंग: इम्पावरिंग पीपल, डिवेलपिंग नेशन्स रखी गई थी। साल 1989 में विश्व की कुल आबादी पांच अरब के करीब थी। एशिया सबसे अधिक आबादी वाला महाद्वीप है, जिसमें चीन और भारत मिलकर दुनिया की आबादी का लगभग 36 प्रतिशत हिस्सा है। इतनी बड़ी आबादी के साथ, इसकी वजह से समस्याएं पैदा होती हैं।

टॅग्स :वर्ल्ड पापुलेशन डेसंयुक्त राष्ट्र
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