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अमिताभ को लेकर इं‌दिरा ने राजीव को दी थी ये चेतावनी, सिंधिया से दूर रहने की थी सलाह

By ऐश्वर्य अवस्थी | Updated: September 24, 2018 16:24 IST

अमिताभ बच्चन को राजनीति से दूर रखने के अलावा इंदिरा ने राजीव को माधवराव सिंधिया से भी दूरी रखने की सलाह दी थी। लेखक राशिद किदवई की किताब "नेता अभिनेताः बॉलीवुड स्टार पॉवर इन इंडियन पॉलिटिक्स" में ऐसे कई किस्से हैं।

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नई दिल्ली, 24 सितंबर: सदी के महानायक फिल्मों के अलावा राजनीति में भी हाथ आजमा चुके हैं ये बात हर कोई जानता है। यही नहीं उनकी राजीव गांधी से नजदीकियां भी जगजाहिर रही हैं। वह राजीव-सोनिया की शादी में शरीक भी हुए थे। राजीव से दोस्ती का ही नतीजा था कि साल 1984 में अमिताभ इलाहाबाद से लोकसभा चुनाव जीता। लेकिन बोफोर्स घोटाले के विवाद के बाद अमिताभ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यहां से अमिताभ के रिश्ते गांधी परिवार से बिगड़ने लगे। अमिताभ के सीट खाली करने बाद हुए उपचुनाव 1987 कांग्रेस को यह सीट भी गंवानी पड़ी। लेकिन इसकी चेतावनी राजीव को उनकी मां इंदिरा गांधी ने पहले ही दे दी थी।

मेनका गांधी के संपादन में प्रकाशित होने वाली पत्रिका 'सूर्या' में एक घटना का जिक्र मिलता है, जिसे गांधी और बच्चन परिवार के बीच अनबन की मूल माना जाता है। जानकारी के अनुसार साल 1980 में इंदिरा गांधी ने तेजी बच्चन की करीबी होने के बावजूद राज्यसभा टिकट के लिए नरगिस को तरजीह दी। तेजी ने इस पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद से इंदिरा का मन बच्चन परिवार के लिए खट्टा हो गया था। इस‌ीलिए इंदिरा ने जब अमिताभ की राजनैतिक रुझान और अपने बेटे से दोस्ती को देखते हुए राजीव से यह कहा था, "इन्हें राजनीति में ना लाओ।"

इसका खुलासा दिग्गज कांग्रेस नेता रहे और राजीव गांधी के दूर के भाई लगने वाले एमएल फोटेदार की किताब में होता है। फोटेदार की एक किताब "दी चिनार लीव्स, ए पॉलिटिकल मेमोयर" साल 2015 में प्रकाशित हुई थी। इसमें इंरिदा गांधी की ओर से राजीव गांधी को दूसरे नेताओं को लेकर दी गई चेतावनियां और सलाहों का जिक्र मिलता है।

माधवराव सिंधिया से राजीव को दूर रखना चाहती थीं इंदिरा

अमिताभ बच्चन को राजनीति से दूर रखने के अलावा इंदिरा ने ग्वालियर के पूर्व महाराजा माधवराव सिंधिया से भी दूरी रखने की सलाह दी थी। फोटेदार की किताब का उल्लेख करते हुए पत्रकार लेखक राशिद किदवई ने अपनी किताब "नेता अभिनेताः बॉलीवुड स्टार पॉवर इन इंडियन पॉलिटिक्स" में कई खुलासे किए हैं। अब यह किताब चर्चा में है। हाल ही में किदवई किताब का एक हिस्सा न्यूज 18 प्रकाशित किया। इसमें उन्होंने राजीव गांधी, अमिताभ बच्चन, फोटेदार आदि के रिश्तों को फिर से उजागर किया।

न्यूज 18 की खबर के अनुसार फोटेदार उस दौरान राजीव गांधी के राजनीतिक सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। एक दफे फोटेदार से राजीव ने कहा, "अमिताभ राजस्थान में पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष के तौर पर एक व्यक्ति विशेष की नियुक्त‌ि को लेकर दबाव बना रहे थे।" इतना ही नहीं फोटेदार की किताब में खुद फोटेदार के हवाले से यह लिखा गया है, “मुझे अमिताभ की कई शिकायतें मिलने लगी थीं। वह अधिकारियों के ट्रांसफर और नियु्क्ति में दखलअंदाजी शुरू कर चुके थे। वरिष्ठ नेताओं उनकी शिकायत मुझसे की थी।"

किदवई ने अपनी किताब में अभिनेता से नेता बनी हस्तियों को लेकर कई खुलासे किए हैं। इसमें सुनील दत्त, राजेश खन्ना, शत्रुघ्न सिन्हा, हेमा मालिनी, विनोद खन्ना, जया प्रदा आदि के संबंध में कई जानकारियां हैं।

टॅग्स :अमिताभ बच्चनराजीव गाँधी
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