लाइव न्यूज़ :

सुधा चंद्रन ने कृत्रिम अंगों वाले लोगों को विशेष कार्ड दिए जाने की प्रधानमंत्री से की अपील

By भाषा | Updated: October 22, 2021 19:09 IST

Open in App

मुंबई, 22 अक्टूबर अभिनेत्री और प्रख्यात भरतनाट्यम नृत्यांगना सुधा चंद्रन ने हवाई अड्डों पर सुरक्षा जांच के दौरान उन्हें होने वाली मुश्किलों के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह कृत्रिम अंगों वाले लोगों को एक विशेष कार्ड मुहैया कराएं।

छप्पन वर्षीय अभिनेत्री ने बृहस्पतिवार शाम को अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया और कहा कि वह जब भी हवाई यात्रा करती हैं, तो हवाई अड्डों पर जांच के कारण होनी वाली मुश्किलों से बहुत आहत होती हैं।

उन्होंने लिखा, ‘‘मैं हर बार अत्यंत दुखदायी इस जांच से गुजरकर बहुत आहत होती हूं... उम्मीद है कि मेरा संदेश राज्य और केंद्र सरकारों के प्राधिकारियों तक पहुंचेगा... और मैं इस मामले में तत्काल कदम उठाए जाने की अपेक्षा करती हूं।’’

ऐसा प्रतीत होता है कि यह वीडियो हवाई अड्डे पर बनाया गया है। इसमें चंद्रन ने पहले अपना परिचय दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत व्यक्तिगत आधार पर हमारे प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से यह बात कहना चाहती हूं। यह केंद्र सरकार और राज्य सरकार से मेरी अपील है।’’

अभिनेत्री ने कहा, ‘‘मेरा नाम सुधा चंद्रन है, मैं पेशे से अभिनेत्री और नृत्यांगना हूं, जिसने एक कृत्रिम अंग के साथ नृत्य किया है और इतिहास रचा है तथा अपने देश को गौरवान्वित किया है।’’

चंद्रन ने कहा कि उन्होंने हवाई अड्डा प्राधिकारियों से कई बार अनुरोध किया है, वे उनके कृत्रिम पैर की ‘ईटीडी’ (विस्फोटकों का पता लगाने वाले उपकरण) से जांच करें, लेकिन वे हर बार उन्हें इसे निकालने के लिए कहते हैं।

उन्होंने वीडियो में कहा, ‘‘जब भी मैं पेशेवर यात्राओं पर जाती हूं, तो हर बार मुझे हवाई अड्डे पर रोका जाता है। मैं सुरक्षाकर्मियों से, सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) अधिकारियों से अनुरोध करती हूं कि कृपया मेरे कृत्रिम अंग की ईटीडी जांच करें, तब भी वे चाहते हैं कि मैं अपना कृत्रिम अंग निकालूं और उन्हें दिखाऊं। क्या यह मानवीय रूप से संभव है मोदी जी?’’

चंद्रन ने वीडियो में कहा, ‘‘मोदी जी मेरा आपसे अनुरोध है कि वरिष्ठ नागरिकों की तरह हमें भी एक कार्ड दिया जाए।’’

शुक्रवार को, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने चंद्रन की शिकायतों के बारे में एक समाचार का जवाब दिया और अभिनेत्री को हुई ''असुविधा'' के लिए माफी मांगी।

सीआईएसएफ ने ट्वीट किया, ''सुधा चंद्रन को हुई असुविधा के लिए हमें बेहद अफसोस है। प्रोटोकॉल के अनुसार, विशेष परिस्थितियों में ही सुरक्षा जांच के लिए प्रोस्थेटिक्स को हटाना होता है।''

बल ने कहा, ''हम पता करेंगे कि संबंधित महिला कर्मियों ने सुधा चंद्रन से प्रोस्थेटिक्स को हटाने का अनुरोध क्यों किया। हम सुधा चंद्रन को आश्वस्त करते हैं कि हमारे सभी कर्मियों को प्रोटोकॉल पर फिर से संवेदनशील बनाया जाएगा, ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।''

चंद्रन ने 1981 में 16 वर्ष की आयु में अपना एक पैर गंवा दिया था। वह एक हादसे में घायल हो गई थीं, जिसके बाद चिकित्सकों को उनका पैर काटना पड़ा था। बाद में एक कृत्रिम ‘जयपुर फुट’ की मदद से उन्होंने चलना शुरू किया। उसके बाद से वह एक पेशेवर नर्तकी के तौर पर प्रस्तुतियां देने के साथ-साथ फिल्मों और टेलीविजन कार्यक्रमों में अभिनय कर रही हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: पूजा करने गया था श्रद्धालु, मंदिर में ही हो गई पिटाई – CCTV फुटेज वायरल

क्रिकेटKKR का खाता खुला, PBKS टॉप पर, मैच रद्द होने से बदला पूरा समीकरण

क्रिकेटKKR vs PBKS: ईडन गार्डन्स में आउटफील्ड गीली होने के कारण मैच रद्द, दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला

ज़रा हटकेVIDEO: हाईवे पर खतरनाक टावर गिरा, मौके पर प्रशासन मौजूद

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारत अधिक खबरें

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे

भारतSamrat Vikramaditya Mahanatya: 60 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा 'सम्राट विक्रमादित्य', वाराणसी के रोम-रोम में बसा अनोखा मंचन, देखें Photos