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सुब्रह्मण्यम स्वामी का दावा- 'सोनिया गांधी को पीएम बनने से मैंने रोक दिया था, एपीजे अब्दुल कलाम से सोनिया ने की थी बहस'

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: June 1, 2024 16:17 IST

स्वामी ने दावा किया कि सोनिया गांधी बहुत नाराज हुई थीं और अगले दिन एपीजे अब्दुल कलाम पर बहुत चिल्लाई भी थीं। लेकिन वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटे। इसीलिए मनमोहन सरकार आने के बाद कलाम साहब को परेशान भी किया गया।

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ठळक मुद्देसुब्रह्मण्यम स्वामी ने अब एक नया दावा कर के सनसनी फैलाई हैस्वामी का दावा है कि उन्होंने साल 2004 में सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनने से रोक दिया थाअब तक ऐसा माना जाता है कि सोनिया गांधी ने स्वेच्छा से प्रधानमंत्री का पद ठुकरा दिया था

नई दिल्ली: अपने बयानों के लिए सुर्खियों में रहने वाले सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अब एक नया दावा कर के सनसनी फैलाई है। स्वामी का दावा है कि उन्होंने साल 2004 में सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनने से रोक दिया था। अब तक ऐसा माना जाता है कि सोनिया गांधी ने स्वेच्छा से प्रधानमंत्री का पद ठुकरा दिया था। लेकिन सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया है कि उन्होंने तब के राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को एक चिट्ठी लिखी थी और बाद में मिल कर भी ये बताया कि सोनिया गांधी नागरिकता संबंधी नियमों के कारण प्रधानमंत्री पद के योग्य ही नहीं है। जबकि कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी का नाम पीएम पद के लिए भेज दिया गया था।

ये दावा स्वामी ने एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान किया। उन्होंने कहा कि सब तय हो गया था लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री बनने से मैने रोका। कलाम साहब ने सोनिया गांधी को निमंत्रण भी दे दिया था कि कल सुबह आप आइये और शपथ लीजिए। अब्दुल कलाम ने मुझे बुलाया। मैंने उनको चिट्ठी भी लिखी थी। चिट्ठी में बताया था कि सोनिया गांधी का एक लिमिटेशन है, जिस कारण से वह भारत की प्रधानमंत्री नहीं बन सकतीं।

स्वामी ने आगे बताया कि कलाम ने उन्हें बुलाया और इस बारे में पूछा। स्वामी ने  एपीजे अब्दुल कलाम को बताया कि नागरिकता नियमों के अनुसार जो भी विदेशी हमारे देश में नागरिक बन गया हो उन पर वही अंकुश लगेगा जो उनके देश में नागरिकता ले चुके भारतीय पर लगती है। इटली में इंडियन जाकर इटैलियन बन जाए तो भी पीएम नहीं बन सकता। तो यहां भी यही नियम लागू होता है। स्वामी ने कहा कि कलाम ने अटार्नी जनरल से भी पूछा तो उन्होंने भी सहमति दी।

स्वामी ने कहा कि इसकी जानकारी कांग्रेस और सोनिया गांधी को भी दी गई। वहां नटवर सिंह, मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी थे। इसमें कहा गया कि मामले पर जब तक कोई स्पष्ट स्थिति नहीं सामने आ जाती तब तक देरी होगी। स्वामी ने दावा किया कि सोनिया गांधी बहुत नाराज हुई थीं और अगले दिन एपीजे अब्दुल कलाम पर बहुत चिल्लाई भी थीं। लेकिन वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटे। इसीलिए मनमोहन सरकार आने के बाद कलाम साहब को परेशान भी किया गया। स्वामी ने दावा किया कि सोनिया के स्वेच्छा से पद त्यागने के दावे में कोई सच्चाई नहीं है।

टॅग्स :सुब्रमणियन स्वामीसोनिया गाँधीए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलामकांग्रेस
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