नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य मौसम नूर शनिवार को कांग्रेस में शामिल हो गईं। वह पहले भी कांग्रेस में रह चुकी हैं। नूर कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी नेताओं जयराम रमेश, पार्टी महासचिव व पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुईं नूर का राज्यसभा का कार्यकाल इसी साल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। उनके पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव मालदा से लड़ने की संभावना है।
वह 2009 से 2019 तक कांग्रेस पार्टी से मालदा से दो बार लोकसभा सदस्य रही हैं। जयराम रमेश ने कहा कि गनी खान चौधरी जी कांग्रेस पार्टी के महास्तंभ थे। इंदिरा गांधी जी उनका बहुत सम्मान करती थीं। गनी खान चौधरी जी ने कभी कोयला मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली थी।
उन्होंने अपने कार्यकाल में जैसा काम किया, वह काफी सराहनीय है। मुझे खुशी है कि दो बार की सांसद और यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकी मौसम नूर जी की घर वापसी हुई है। पश्चिम बंगाल की जनता चाहती है कि कांग्रेस और मजबूत हो। हम उनकी उम्मीदों को पूरा करने के लिए लड़ते रहेंगे।
नूर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मुझे कांग्रेस में दोबारा काम करने का अवसर दिया है, इसके लिए मैं पार्टी का आभारी हूं। यह मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरी मेहनत करूंगा, क्योंकि बंगाल के लोग, विशेषकर मालदा के लोग, कांग्रेस और धर्मनिरपेक्षता, विकास और शांति की विचारधारा में विश्वास रखते हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य मौसम नूर शनिवार को कांग्रेस में शामिल हो गईं। वह पहले भी कांग्रेस में रह चुकी हैं। कांग्रेस ने उनके शामिल होने को "घर वापसी" करार देते हुए कहा है कि यह इस बात का प्रमाण है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक मौसम बदल रहा है।
नूर कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, पार्टी महासचिव और पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभांकर सरकार की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुईं। पश्चिम बंगाल में इस साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित है। नूर का राज्यसभा का कार्यकाल इसी साल अप्रैल में समाप्त हो रहा था।
उनके पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव मालदा से लड़ने की संभावना है। नूर का कहना है कि उन्होंने टीएमसी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ रही हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री गनी खान चौधरी के परिवार से ताल्लुक रखने वाली नूर ने कहा, "मैं कांग्रेस पार्टी को धन्यवाद देना चाहती हूं कि उन्होंने मुझे फिर से कांग्रेस में काम करने का मौका दिया।
यह मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरा प्रयास करूंगी।" उन्होंने कहा, "बंगाल के लोग, खासकर मालदा के लोग कांग्रेस और उसकी धर्मनिरपेक्षता, विकास और शांति की विचारधारा में विश्वास करत हैं।" वह 2009 से 2019 तक कांग्रेस पार्टी से मालदा से दो बार लोकसभा सदस्य रहीं।
जयराम रमेश ने मौसम नूर का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक मौसम बदल रहा है। रमेश ने कहा, "गनी खान चौधरी जी कांग्रेस पार्टी के महास्तंभ थे। इंदिरा गांधी जी उनका बहुत सम्मान करती थीं। गनी खान चौधरी जी ने कभी कोयला मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली थी। मुझे खुशी है कि मौसम नूर जी की घर वापसी हुई है। "
उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल की जनता चाहती है कि कांग्रेस और मजबूत हो। टीएमसी के साथ गठबंधन की संभावना पर रमेश ने कहा कि गठबंधन पर कोई भी निर्णय कांग्रेस आलाकमान करेगा, लेकिन किसी भी राज्य में मजूबत गठबंधन के लिए मजबूत कांग्रेस का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और कुछ अन्य राज्यों में कांग्रेस को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सरकार ने कहा, "हम काफी दिनों से मौसम नूर जी के संपर्क में थे और हम सभी उनका पार्टी में स्वागत करते हैं। कांग्रेस पार्टी पश्चिम बंगाल में पूरी ताकत के साथ कम कर रही है। मुझे पूरा भरोसा है कि मौसम नूर जी के आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।" उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल से और भी नेता कांग्रेस में शामिल होंगे।