लाइव न्यूज़ :

Shivaji Jayanti 2021: मुगलों के छुड़ाए छक्के, मराठा साम्राज्य की रखी थी नींव

By विनीत कुमार | Updated: February 18, 2021 18:28 IST

Shivaji Jayanti 2021: छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी, 1630 को हुआ था। हालांकि कई जानकार जन्म का साल 1627 भी बताते हैं। देश इस बार शिवजी की 391वीं जयंती मना रहा है।

Open in App
ठळक मुद्देशिवाजी का जन्म 19 फरवरी, 1630 को पुणे के पास शिवनेरी दुर्ग में हुआ थामुगलों को कई बार युद्ध में हराया, छापामार युद्ध की एक नई शैली विकसित कीशिवाजी का राज्याभिषेक 1674 में हुआ और इसी के साथ मराठा साम्राज्य की शुरुआत भी हुई

शिवाजी जयंती 2021: भारत का गौरवशाली इतिहास कई सपूतों की कहानियों से भरा हुआ है। इनमें से ही एक वीर सपूत छत्रपति शिवाजी महाराज भी हैं। एक महान योद्धा, महान देशभक्त और कुशल प्रशासक शिवाजी का जन्म 19 फरवरी, 1630 को पुणे के पास शिवनेरी दुर्ग में हुआ। ऐसे में देश इस बार उनकी 391वीं जयंती मना रहा है।

मराठा साम्राज्य की नींव रखने वाले शिवाजी महाराज ने मुगलों को कई मौकों पर हराया। कई युद्ध शिवाजी ने अपने साहस और बुद्धिमता से जीते। यही कारण है कि उन्हें एक बेहतरीन रणनीतिकार माना जाता है। छापामार युद्ध की एक नई शैली उन्होंने विकसित की और कई सालों तक मुगल शासक औरंगजेब से लोहा लिया।

शौर्य के प्रतीक शिवाजी महाराज

शिवाजी का पूरा नाम शिवाजी भोंसले था। पिता का नाम शाहजी भोंसले और माता का नाम जीजाबाई था। शिवाजी का नाम एक क्षेत्रीय देवी शिवाई के नाम पर रखा गया था। शिवाजी का बचपन माता जीजाबाई के मार्गदर्शन में गुजरा और इसी दौरान उन्होंने राजनीति की शिक्षा और युद्ध विद्या भी हासिल की।

बेहद कम आयु में ही स्थानीय लोगों के साथ आसपास के दुर्गों और दर्रों का भ्रमण करने से उन्हें इनकी जानकारी हासिल हुई। कुछ साहसिक लोगों का दल बनाकर उन्होंने केवल 19 साल की उम्र में पुणे के करीब तोरण के दुर्ग पर अधिकार कर अपना संघर्ष शुरू किया। इस तरह धीरे-धीरे उनका विदेशी शासकों की बेड़ियां तोड़ने का संकल्प प्रबल होने लगा। 

शिवाजी जयंती: 1674 में राज्याभिषेक, कहलाए छत्रपति

शिवाजी का राज्यभिषेक 1674 में हुआ। यहीं से मराठा साम्राज्य की शुरुआत भी हुई। शिवाजी ने इसके बाद करीब 6 साल तक शासन किया। इस दौरान उन्होंने बेहतरीन प्रशासकीय उदाहरण भी पेश किया। उन्होंने अपने राज में हर धर्म और जाति के लोगों के लिए भयमुक्त माहौल तैयार करने की कोशिश की।

कहा जाता है 1680 में कुछ बीमारी की वजह से अपनी राजधानी पहाड़ी दुर्ग रायगढ़ में छत्रपति शिवाजी की मृत्यु हो गई थी। हालांकि उनकी मौत को लेकर भी कई तरह के कयास अब भी लगाए जाते हैं। कई इतिहासकारों ने लिखा कि उन्हें साजिश के तहत जहर दिया गया था। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और फिर उन्हें बचाया नहीं जा सका।

टॅग्स :छत्रपति शिवाजीशिवजी जयंती
Open in App

संबंधित खबरें

भारतPune: शिवाजी महाराज जयंती के मौके पर पुणे में हादसा, शिवनेरी किले में भगदड़ जैसे हालात; कई लोग घायल

भारतनागपुरः छत्रपति शिवाजी महाराज आज के आदर्श हैं, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- कार्य लोग और राष्ट्र दोनों के लिए अनुकरणीय 

भारतछत्रपति शिवाजी महाराज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने पर नागपुर के पत्रकार प्रशांत कोरटकर तेलंगाना से हुआ गिरफ्तार

कारोबारStock Market Today: शिवाजी महाराज की जयंती पर बंद रहेगा शेयर बाजार? जानें लेटेस्ट अपडेट

भारतChhatrapati Shivaji Maharaj: छत्रपति शिवाजी महाराज और हिंदवी स्वराज्य?, साहस, न्याय और स्वराज्य की भावना से परिपूर्ण

भारत अधिक खबरें

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी