पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने समाधान यात्रा के क्रम में सारण जिले का दौरा किया। वहीं, मुख्यमंत्री के सारण दौरे को लेकर भाजपा ने जोरदार हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने पिछले दिनों छपरा में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर कहा कि जबतक शराबकांड के पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिल जाता तबतक नीतीश की समाधान यात्रा व्यर्थ है।
उन्होंने कहा कि लाशों की ढेर पर बिहार का पुलिस महकमा अरबपति बन गया है। मुख्यमंत्री को इसकी समीक्षा कर समाधान करना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछा है कि सारण में जहरीली शराब से हुई सैकड़ों मौतों का सौदागर कौन है? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज उस धरती पर गए, जहां जहरीली शराब से सैकड़ों घर उजड़ गए हैं।
आज भी कितने ही लोगों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है। पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के बजाए राज्य के मुख्यमंत्री कहते हैं कि जो पिएगा वो मरेगा, सरकार संवेदनहीनता की सारी हदों को पार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इसकी समीक्षा कर समाधान करना चाहिए। संगीनों के साए में जनता से यह कैसा संवाद?
शराबकांड और अपराधियों की गोली से हुए अनाथ और विधवाओं की चित्कार नहीं सुन रही है सरकार। इस कांड से हुए अनाथ बच्चों और विधवाओं को सरकार मुआवजा दे और सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दे। आज छपरा में सौ से ज्यादा पीड़ित परिवार बैठा हुआ है, अगर आप वाकई में समाधान यात्रा पर निकले हैं, तो उन परिवारों को समस्या को दूर करिए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार समाधान नहीं बल्कि विकास और शांति में व्यवधान पैदा कर रहे हैं। अगर समस्या का समाधान करना है तो मुख्यमंत्री को लोगों के दर्द को सुनना होगा। विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार को इतने बड़े नरसंहार की जिम्मेवारी तय करनी चाहिए। सरकार घटना की उच्च स्तरीय जांच करने के बाद पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दे, पीड़ितों को मदद नहीं मिली तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समाधान यात्रा उनकी विदाई यात्रा बनकर रह जाएगी।