लाइव न्यूज़ :

राजस्थान में सियासी घमासान के बीच गहलोत के गुट के विधायक बाबूलाल बैरवा की बिगड़ी तबीयत, SMS अस्पताल में कराया गया भर्ती

By रामदीप मिश्रा | Updated: July 24, 2020 10:54 IST

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गुट के कांग्रेस विधायक जयपुर के होटल फेयरमाउंट में ठहरे हुए हैं। यहीं बाबूलाल बैरवा भी मौजूद थे। कांग्रेस के विधायक आज आने वाले राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

Open in App
ठळक मुद्देकठूमर विधायक बाबूलाल बैरवा की शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई।उन्हें राजधानी के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

जयपुरः राजस्थान में सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गुट के कांग्रेस विधायक जयपुर के होटल फेयरमाउंट में ठहरे हुए हैं। इनमें से कठूमर विधायक बाबूलाल बैरवा की शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें राजधानी के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। 

मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस विधायक बाबूलाल बैरवा को होटल फेयरमाउंट से SMS अस्पताल ले जाया गया है। उन्हें अस्पताल के आईसीयू में बेड नंबर दो पर भर्ती करवाया गया है। फिलहाल चिकित्सक सांस लेने में दिक्कत बता रहे हैं। इसके अलावा बैरवा का कोरोना सैंपल लिया गया है। 

आपको बता दें, कि  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गुट के कांग्रेस विधायक जयपुर के होटल फेयरमाउंट में ठहरे हुए हैं। यहीं बाबूलाल बैरवा भी मौजूद थे। कांग्रेस के विधायक आज आने वाले राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा बागी विधायकों की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट को फैसला सुनाने की अनुमति देने के बाद गुरुवार को कहा कि वह विधानसभा के पटल पर किसी भी समय बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं क्योंकि उसके पास बहुमत का आंकड़ा मौजूद है।

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने यह भी कहा कि अगर पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और 18 अन्य बागी विधायकों को किसी तरह की शिकायत थी तो वो पार्टी के मंच पर बात कर सकते थे, लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि हालिया घटनाक्रम के पीछे बीजेपी का हाथ है।

राजस्थान में बहुमत का जादुई आंकड़ा

साल 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस द्वारा अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद से ही सचिन पायलट नाराज चल रहे थे। राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 107 और बीजेपी के पास 72 विधायक हैं। यदि 19 बागी विधायकों को अयोग्य करार दिया जाता है तो राज्य विधानसभा की मौजूदा प्रभावी संख्या घटकर 181 हो जाएगी, जिससे बहुमत का जादुई आंकड़ा 91 पर पहुंच जाएगा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए बहुमत कायम रखना आसान होगा। 

टॅग्स :कांग्रेसराजस्थानअशोक गहलोत
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टपत्नी की गला रेतकर हत्या और पति ने खुद को चाकू से वार कर आत्महत्या का किया प्रयास

क्राइम अलर्टराजस्थान सड़क हादसाः पुलिस उपनिरीक्षक सहित 4 लोगों की मौत, भरतपुर में तेज रफ्तार कार ने 3 को कुचला

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारत अधिक खबरें

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब