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छत्तीसगढ़: राजधानी रायपुर के डीएम ने दिया इस्तीफा, बीजेपी ज्वाइन करेंगे या कांग्रेस, अटकलें तेज?

By भाषा | Updated: August 25, 2018 17:56 IST

ओपी चौधरी वर्ष 2005 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। चौधरी ने अपना इस्तीफा शासन को भेज दिया है।

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रायपुर, 25 अगस्त (भाषा) रायपुर के जिलाधिकारी और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी ओपी चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बनने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

हालांकि राज्य भाजपा में महामंत्री संतोष पांडेय ने "भाषा" को बताया की चौधरी के भाजपा में शामिल होने के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।

छत्तीसगढ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज यहां बताया कि वर्ष 2005 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी चौधरी ने अपना इस्तीफा शासन को भेज दिया है।

चौधरी को राज्य के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में शिक्षा में बदलाव लाने का श्रेय दिया जाता है। उनके भाजपा के टिकट से रायगढ़ जिले के प्रतिष्ठित खारसिया सीट से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर अटकलें लगायी जा रही हैं।

अपने इस्तीफे को लेकर अभी तक चौधरी ने कोई बयान नहीं दिया है।

खरसिया विधानसभा सीट छत्तीसगढ़ के प्रमुख विधानसभा सीट में से एक है। यह सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है और यहां से अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस के कद्दावर नेता अर्जुन सिंह भी चुनाव लड़ चुके हैं।

वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों से पहले बस्तर के दरभा क्षेत्र में झिरम घाटी नक्सली हमले में मारे गए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल खरसिया विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा विधायक हैं।

चौधरी रायगढ़ जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग के अघरिया समुदाय से आते हैं जिससे वर्तमान विधायक पटेल हैं। अघरिया पटेल को क्षेत्र में कांग्रेस का वोट बैंक माना जाता है। चौधरी के यहां से चुनाव लड़ने से कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लग सकती है।

चौधरी पिछले छह महीनों से रायगढ़ और खरसिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। जिससे कयास लगाया जा रहा था कि वह यहां से चुनाव लड़ सकते हैं। 

सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी ने चौधरी के राजनीतिक प्रयास के बारे में पुष्टि नहीं की है। लेकिन पार्टी सूत्रों ने कहा है कि यदि वह ऐसा करने के इच्छुक हैं तो उन्हें पार्टी में स्वागत किया जाएगा।

पांडेय ने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा में शामिल होने और लोगों की सेवा करने के लिए खेल, कला और साहित्य सहित विभिन्न क्षेत्रों से प्रमुख व्यक्तित्वों को आमंत्रित कर रही है।

इधर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने चौधरी को "आरएसएस का एजेंट" कहा और उन पर अपनी सेवा के दौरान सत्तारूढ़ भाजपा का समर्थन करने का आरोप लगाया।

राज्य कांग्रेस के महासचिव शैलेश नितिन त्रिवेदी का कहना है कि कांग्रेस ने पहले ही कहा था कि चौधरी भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने चौधरी पर आरएसएस एजेंट होने का आरोप लगाया है।

टॅग्स :छत्तीसगढ़भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेस
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