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प्रदर्शनकारी किसानों ने चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली जाने का रास्ता खोला पर धरना जारी

By भाषा | Updated: December 13, 2020 18:11 IST

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नोएडा, 13 दिसंबर नए कृषि कानूनों के विरोध में चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने नोएडा से दिल्ली जाने वाले रास्ते को आधा खोल दिया है। उनके कार्यकर्ता सड़क के बीचो बीच धरने पर बैठे हैं।

हालांकि, रास्ता खोलने के बावजूद यहां वाहन धीमी गति से चल रहे हैं और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस अधिकारी किसान नेताओं से पूरा रास्ता खोलने के लिए बातचीत कर रहे हैं।

दिल्ली में शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात के बाद ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने रास्ता खोलने का ऐलान किया था तथा कहा था कि केंद्रीय रक्षा मंत्री ने किसान आयोग बनाने की उनकी मांग को स्वीकार किया है, इसलिए रविवार को वह धरना समाप्त कर देंगे।

हालांकि, रविवार को उनके संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने इस बात का विरोध किया, तथा भारतीय किसान यूनियन भानु के लोग फिर से धरने पर बैठ गए। उक्त धरने पर ठाकुर भानु प्रताप सिंह भी दोपहर बाद आकर बैठ गए।

उन्होंने कहा कि हमने लोगों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए नोएडा-दिल्ली आने जाने वाले दोनों तरफ के रास्ते खोल दिया है, लेकिन हमारा धरना जारी रहेगा।

उनके अनुसार जब तक किसान आयोग नहीं बन जाता तब तक वह धरना जारी रखेंगे।

नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर 13 दिनों से धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने बातचीत के दौरान रविवार को कहा कि जो किसान से बात करेगा, वही देश राज करेगा।

उन्होंने कहा कि हमने चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खुलकर समर्थन किया था, क्योंकि हमें आशा थी कि वह किसानों की हित की बात करेंगे, प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह एक गरीब परिवार से हैं, तथा चाय बेचने से उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत किया था, इसलिए हमें आशा थी कि प्रधानमंत्री गरीबों व किसानों की बात सुनेंगे, लेकिन अब प्रधानमंत्री किसानों व गरीबों की बात नहीं सुन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री इस मामले में सीधे हस्तक्षेप नहीं करेंगे, तब तक किसानों की समस्या हल नहीं होगी।

इस बीच, भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) का आज 12वें दिन भी दलित प्रेरणा स्थल पर धरना जारी रहा। रविवार को किसानों ने धरना स्थल पर अपने एक कार्यकर्ता को गोला लाठी लगाकर सरकार को चेताया कि अगर सरकार उनकी बात नहीं मानी तो सरकार को भी गोला लाठी लगा देंगे। गोला लाठी एक तरह का बंधन होता है, जिसमें दोनो हाथ बांधकर, उसके बीच में पैर फंसा दिया जाता है, तथा हाथ और पैर के बीच में लाठी डाल दी जाती है।

धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्योराज सिंह ने कहा कि अगर सरकार उनकी बात नहीं मानती ,तो सरकार को गोला लाठी लगाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांगें मानी नहीं जाती तथा सरकार नये कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

गौरतलब है कि ठंड के बावजूद भी किसान अपनी ट्रैक्टर ट्राली सहित धरना स्थल पर डटे हुए है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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