कोलकाताः पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें लिखा था, 'उसे उड़ा दूंगा'। इस पर उन्होंने कहा कि धमकियां आती-जाती रहती हैं, लेकिन कोई भी धमकी मुझ पर असर नहीं करेगी। ममता बनर्जी द्वारा ईडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर उन्होंने कहा कि ये ऐसे मुद्दे हैं जिनका राजनीतिक पहलू है। मैं राज्य की राजनीति पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। ये कानूनी मामले हैं जो अदालत में विचाराधीन हैं। अदालत को फैसला करने दीजिए। राज्यपाल होने के नाते, मैं ऐसे मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता जो विचाराधीन है।
कल आई-पैक कार्यालय पर ईडी की छापेमारी के बारे में राज्यपाल ने कहा कि मुझे जनता से याचिकाएं और अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। उन याचिकाओं में तीन कानूनी मुद्दे उठाए गए हैं। पहला, किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकना एक आपराधिक अपराध है। दूसरा, किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्यों के निर्वहन में डराना या धमकाना एक गंभीर अपराध है।
जिसके लिए दो साल की कैद और जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। तीसरा यह है कि यह आरोप मुझे वकीलों द्वारा दिया गया है। तीसरा मुद्दा जो वे उठा रहे हैं वह यह है कि एक संवैधानिक प्राधिकरण को संविधान की रक्षा करनी चाहिए। यदि ऐसा प्राधिकरण संविधान का उल्लंघन करता है, तो उस प्राधिकरण को उस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है... मैं अभी जल्दबाजी में कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस को जान से मारने की धमकी भरा ईमेल भेजने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। लोक भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी को बृहस्पतिवार देर रात कोलकाता के निकट ‘सॉल्ट लेक’ इलाके से पकड़ा गया।
उन्होंने कहा, “इस व्यक्ति से मामले से जुड़ी और जानकारी हासिल करने के लिए पूछताछ की जा रही है।” अधिकारी ने बताया कि बोस को बृहस्पतिवार रात जान से मारने की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसके बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि ईमेल भेजने वाले ने राज्यपाल को “विस्फोट से मार डालने” की धमकी दी थी और उसने ईमेल में अपना मोबाइल नंबर भी लिखा था।
अधिकारी ने बताया कि बोस को ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है, अब लगभग 60-70 केंद्रीय बल उनकी सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। बोस को बृहस्पतिवार रात एक ईमेल के माध्यम से जान से मारने की धमकी मिली, जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लोक भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि ईमेल भेजने वाले ने राज्यपाल को “उड़ा देने” की धमकी दी। अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘आरोपी ने ईमेल में अपना मोबाइल नंबर भी दिया है। हमने डीजीपी को सूचित कर दिया है और उनसे उस व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार करने को कहा है।" मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है। इस मामले की सूचना केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी दे दी गई है।