PMAY-U 2.0: अब इस आय वर्ग के लोगों को मिलेगा PM आवास योजना का लाभ, जानिए कैसे करें अप्लाई
By अंजली चौहान | Updated: January 9, 2026 05:44 IST2026-01-09T05:44:45+5:302026-01-09T05:44:45+5:30
PMAY-U 2.0: प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के तहत, सरकार शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को घर बनाने, खरीदने या किराए पर लेने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।

PMAY-U 2.0: अब इस आय वर्ग के लोगों को मिलेगा PM आवास योजना का लाभ, जानिए कैसे करें अप्लाई
PMAY-U 2.0: हर किसी का सपना होता है अपने परिवार के लिए एक खूबसूरत सा घर बनाने का। सालों की मेहनत की कमाई से लोग इस सपने को पूरा करते हैं तो वहीं, कुछ लोग गरीबी की वजह से अपना घर बनवा या खरीद नहीं पाते। ऐसे ही लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत, सरकार शहरी इलाकों में लोगों को घर बनाने, खरीदने या किराए पर लेने के लिए फाइनेंशियल मदद दे रही है। यह योजना पांच साल तक, 2024 से 2029 तक लागू रहेगी।
PMAY-U 2.0 किसके लिए है?
यह योजना उन परिवारों के लिए है जिनके पास भारत में कहीं भी अपना पक्का घर नहीं है, न तो उनके अपने नाम पर और न ही परिवार के किसी सदस्य के नाम पर। इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), कम आय वर्ग (LIG), और मध्यम आय वर्ग (MIG) के शहरी परिवारों को फायदा होगा। लाभार्थी अपनी जरूरत के हिसाब से नया घर बना सकते हैं, घर खरीद सकते हैं, या किराए के घर का ऑप्शन चुन सकते हैं।
इनकम लिमिट क्या है?
EWS: सालाना इनकम ₹3 लाख तक
LIG: सालाना इनकम ₹3 लाख से ₹6 लाख के बीच
MIG: सालाना इनकम ₹6 लाख से ₹9 लाख के बीच
जियो-टैगिंग क्या है और यह क्यों जरूरी है?
प्रोजेक्ट में ट्रांसपेरेंसी और मॉनिटरिंग पक्का करने के लिए जियो-टैगिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कंस्ट्रक्शन की फोटो, वीडियो और लोकेशन की डिटेल्स रिकॉर्ड करता है ताकि काम की प्रोग्रेस को रियल टाइम में मॉनिटर किया जा सके।
किफायती आवास साझेदारी (AHP) प्रोजेक्ट्स में जियोटैगिंग पांच स्टेज में होगी: लेआउट, फाउंडेशन, सुपरस्ट्रक्चर, फिनिशिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर। प्रोजेक्ट की लोकेशन, टावरों की संख्या और फ्लैट्स को BHARAT ऐप के ज़रिए रिकॉर्ड किया जाएगा। यह सिस्टम पहले ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में सफल रहा है।
कौन अप्लाई नहीं कर सकता?
जिन्हें पिछले 20 सालों में किसी भी केंद्र, राज्य या लोकल बॉडी की हाउसिंग स्कीम से फायदा हुआ है, वे PMAY-U 2.0 के लिए एलिजिबल नहीं होंगे। इसका मकसद यह पक्का करना है कि मदद सिर्फ़ पहली बार घर खरीदने वालों तक पहुंचे।
यह योजना कौन चलाता है?
PMAY-U 2.0 को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा लागू किया जाता है। PMAY-U 2.0 शहरी परिवारों के लिए अपना घर खरीदने का सपना पूरा करने का एक शानदार मौका है। अगर आप एलिजिबल हैं, तो इनकम लिमिट और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को ध्यान से देखें और समय पर अप्लाई करें।