पुणेः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने पिंपरी चिंचवड महानगर पालिका में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के लिए शनिवार को उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ‘‘आत्मावलोकन’’ करने की सलाह दी। पिंपरी चिंचवड महानगर पालिका पर पहले भाजपा का शासन था। चव्हाण ने कहा कि अगर भाजपा आरोप लगाना शुरू कर देगी तो पवार के लिए गंभीर मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख को आरोप लगाने से पहले ‘‘आत्मावलोकन’’ करने की सलाह दी।
पवार के नेतृत्व वाली राकांपा, महायुति सरकार में सहयोगी दल है। पवार ने आरोप लगाया था कि महानगर पालिका पिछले नौ वर्षों से भ्रष्टाचार से ग्रस्त है और वह कर्ज में भी डूब गयी है, जिस पर चव्हाण ने प्रतिक्रिया दी। पिंपरी-चिंचवड नगर निगम में 2017 से 2022 तक भाजपा का शासन रहा और उसके बाद राज्य द्वारा नियुक्त प्रशासक का शासन रहा।
पिंपरी-चिंचवड सहित 29 महानगर पालिकाओं के लिए 15 जनवरी को चुनाव होना है। चव्हाण ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “अजित पवार ने आगामी चुनावों के मद्देनजर यह बयान दिया है। आरोप लगाने से पहले पवार को आत्मावलोकन करना चाहिए। उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह किस पार्टी की बात कर रहे हैं।
क्या यह बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए है?” उन्होंने कहा, “अगर हम आरोप लगाना शुरू कर देंगे तो पवार के लिए गंभीर मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।” भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष ने कल्याण-डोम्बिवली और राज्य के अन्य हिस्सों में मतदान से पहले ही भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने का कारण विपक्षी उम्मीदवारों की अनुपस्थिति बताया।
चव्हाण ने कहा, “कई वर्षों से कल्याण-डोम्बिवली में भाजपा और शिवसेना (अविभाजित) एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही थीं लेकिन भाजपा और (उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली) शिवसेना के गठबंधन के बाद अब कोई विपक्षी दल मैदान में नहीं बचा है।”