लाइव न्यूज़ :

पाकिस्तान ने कहा- भारत के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने को तैयार

By भाषा | Updated: August 5, 2019 07:18 IST

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने लिखा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने कश्मीर मामले में मध्यस्थता की पेशकश की। अब ऐसा करने का समय आ गया है क्योंकि वहां हालात खराब हो रहे हैं और नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना नए आक्रामक कदम उठा रही है।"

Open in App

पाकिस्तान ने रविवार को आगाह किया कि वह भारतीय सुरक्षा बलों के किसी भी "दुस्साहस और उकसावे" का जवाब देने को तैयार है। पाकिस्तान ने यह बात भारत के साथ अचानक बढ़े तनाव के मद्देनजर देश के शीर्ष नौकरशाहों और सैन्य अधिकारियों की राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा के लिए हुई एनएससी की बैठक के बाद कही।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की यह बैठक सेना के इस आरोप के बाद बुलाई कि भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आम लोगों को निशाना बनाकर क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया। हालांकि, भारतीय सेना ने शनिवार को इन आरोपों को "झूठा और मनगढ़ंत" बताते हुए खारिज कर दिया था।

एनएससी की बैठक में रक्षा मंत्री परवेज खत्ताक, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, गृह मंत्री ब्रिगेडियर (सेवानिवृत) एजाज शाह, सेना के तीनों अंगों के प्रमुख, आईएसआई के प्रमुख और अन्य शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है पाकिस्तान भारत के किसी भी दुस्साहस और उकसावे के खिलाफ खुद के बचाव के लिये तैयार है और कश्मीर के लोगों को हर तरह के कूटनीतिक, नैतिक और राजनीतिक समर्थन देना जारी रहेगा।

बैठक में भारत की कार्रवाइयों की आचोलना की गई। बयान में कहा गया है, "पाकिस्तान एक बार फिर दोहराता है कि कश्मीर लंबे समय से अनसुलझा अंतरराष्ट्रीय विवाद है जिसके शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता है। लिहाजा पाकिस्तान भारत से आग्रह करता है कि वह कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप इस मुद्दे को हल करने के लिए आगे आए।"

बयान के मुताबिक (कश्मीर घाटी में) सुरक्षा बलों की हालिया तैनाती आग में घी डालने जैसी है। बयान में कहा गया, "फोरम ऐसे समय में भारत की इस तरह की रणनीति की कड़ी निंदा करता है जबकि पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफगान संकट के समाधान पर ध्यान केन्द्रित किये हुए हैं।" इससे पहले प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कश्मीर मामले में मध्यस्थता करें।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने लिखा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने कश्मीर मामले में मध्यस्थता की पेशकश की। अब ऐसा करने का समय आ गया है क्योंकि वहां हालात खराब हो रहे हैं और नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना नए आक्रामक कदम उठा रही है।"

उन्होंने कहा कि यह क्षेत्रीय संकट को हवा देने वाले कदम हैं। खान ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार कश्मीर के लोगों को आत्मनिर्णय के उनके अधिकार का उपयोग करने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा का एकमात्र रास्ता कश्मीर समस्या के शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण समाधान से होकर गुजरता है।" उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने "क्लस्टर बमों" का इस्तेमाल किया। इमरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस पर ध्यान देने के लिए कहा। 

टॅग्स :पाकिस्तानइमरान खानमोदी सरकारजम्मू कश्मीर
Open in App

संबंधित खबरें

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह