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भारत में ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट एक्सबीबी ने बढ़ाई चिंता, 10-15 फीसदी नमूनों में दिखी उपस्थिति, सिंगापुर में तेजी से फैल रहा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 18, 2022 09:11 IST

विशेषज्ञों के मुताबिक एक्सबीबी स्वरूप लोगों में एंटीबॉडी पर हमला कर रहा है।कोरोना की खुराक ले चुके लोगों पर ये कम असरदार होगा।  इस स्वरूप से बचने का तरीका यही है कि लोग एहतियाती खुराक लेकर अपने शरीर में एंटीबॉडी का स्तर फिर से बढ़ाएं और कोविड सतर्कता नियमों का पालन करें।

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ठळक मुद्देलगभग 11% नमूने BA.5 के हैं जो पहली बार मई में भारत में पाए गए थे।एक्सबीबी के ज्यादातर सैंपल महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से लिए गए हैं। एक्सबीबी स्वरूप लोगों में एंटीबॉडी पर हमला कर रहा है।

नई दिल्ली: जहां एक देश में कोविड-19 के मामलों में कमी आ रही है, वहीं कोविड -19 का एक नया ओमिक्रॉन वैरिएंट ने चिंताएं बढ़ा दी है। ओमिक्रॉन के इस नए वैरिएंट को एक्सबीबी नाम दिया गया है जो सिंगापुर में तेजी से फैल रहा है। एक्सबीबी ओमिक्रॉन के BA.2.75 और BJ.1 सब-वेरिएंट का एक संयोजन है। यह पहली बार अगस्त में सिंगापुर में पाया गया था। रिपोर्ट  के मुताबिक 10% से 15% नमूनों में इसकी उपस्थिति देखी गई है।

वहीं  भारत में ओमीक्रॉन के सब-वैरिएंट BF.7 का पहला मामला मिला है। गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. माधवी जोशी ने मिंट से कहा कि घबराने की बात नहीं है और लोग मास्क पहनें, भीड़ से बचें व हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखें। हाल ही में चीन में ओमीक्रॉन के दो नए सब-वैरिएंट BF.7 और BA.5.1.7 मिले थे।

विशेषज्ञों के मुताबिक एक्सबीबी सेट एल्गोरिदम पर आधारित है। नई दिल्ली स्थित आईजीआईबी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनोद स्कारिया के मुताबिक हाल ही में जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिये ओमिक्रॉन के नए उप वैरिएंट स्वरूप की पहचान हुई है। भारत के अलावा बांग्लादेश, यूरोप और अमेरिका के कई राज्यों में यह उप स्वरूप मिला है। सिंगापुर में अभी संक्रमण के मामले बढ़ने के पीछे इसे मुख्य कारण माना जा रहा है।

बता दें कि लगभग 11% नमूने BA.5 के हैं जो पहली बार मई में भारत में पाए गए थे; BQ.1 और BQ.1.1 इसी के उप-वंश हैं। इनमें से ज्यादातर सैंपल महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक एक्सबीबी स्वरूप लोगों में एंटीबॉडी पर हमला कर रहा है।कोरोना की खुराक ले चुके लोगों पर ये कम असरदार होगा।  इस स्वरूप से बचने का तरीका यही है कि लोग एहतियाती खुराक लेकर अपने शरीर में एंटीबॉडी का स्तर फिर से बढ़ाएं और कोविड सतर्कता नियमों का पालन करें।

 

 

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