लाइव न्यूज़ :

अदालत पर मिथ्या आरोप लगाने के लिये तीन दिन में बिना शर्त माफी मांगें एनजीओ प्रमुख : न्यायालय

By भाषा | Updated: September 8, 2021 22:40 IST

Open in App

नयी दिल्ली, आठ सितंबर उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के अध्यक्ष को अदालत को “बदनाम करने और धमकाने” के लिए बिना शर्त माफी मांगने के लिए तीन दिन का समय दिया, लेकिन इसके साथ ही उनसे कहा कि उन्होंने खुद को सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण से वंचित कर दिया है और उनके खिलाफ कुछ दंडात्मक कार्रवाई करने का समय आ गया है।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की पीठ एनजीओ सुराज इंडिया ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव दहिया द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में शीर्ष अदालत के 2017 के उस फैसले को रद्द करने की मांग की गई थी जिसके तहत शीर्ष अदालत के अधिकार क्षेत्र का बार-बार दुरुपयोग करते हुए कुछ वर्षों में बिना किसी सफलता के 64 जनहित याचिकाएं दायर करने पर उसके खिलाफ 25 लाख रुपये की लागत वसूलने का आदेश दिया गया था।

शीर्ष अदालत ने दहिया को अवमानना नोटिस जारी किया था कि क्यों न उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए और अदालत को बदनाम करने के उनके प्रयास के लिए उन्हें सजा दी जाए।

मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए न्यायालय ने कहा, “प्रतिवादी-निर्णय देनदार और अवमानना कार्यवाही में अवमानना करने वाले जमानती वारंट के अनुसरण में पेश हुए हैं और हमने उन्हें विस्तार से सुना है। हमनें सुविज्ञ अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल और सरकारी वकील को भी सुना है।”

पीठ ने कहा, “अंत में, पूर्व कार्यवाही में सामान्य प्रथा के अनुसार, याचिकाकर्ता ने कहा कि वह बिना शर्त माफी मांगना चाहता है कि उसने जो कुछ कहा है उसे वापस लेने का अनुरोध कर रहा है। हमने उनसे कहा है कि उन्हें तीन दिनों के भीतर अपनी मर्जी से ऐसा करने की स्वतंत्रता है और हम अपना आदेश पारित करते समय इस पर विचार करेंगे।”

सुनवाई की शुरुआत में, व्यक्तिगत रूप से पेश हुए दैया ने स्थगन की मांग की और कहा कि वह अपनी स्वास्थ्य स्थिति के कारण पीठ के समक्ष पेश होने में असमर्थ हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतगुजरात की पार्षद ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में शामिल हुईं, फिर कुछ ही घंटों में ही कर ली 'घर वापसी'

भारतAssembly Elections 2026: असम में 85.65% में मतदाताओं की भागीदारी, केरल में 78.24%, तो पुडुचेरी में 89.08% रही वोटिंग

भारतअपने जन्मदिन से पहले, अनंत अंबानी ने गुजरात के सालंगपुर मंदिर स्थित गौशाला को दान किए ₹10 करोड़

विश्वईरान ने US के साथ हुए सीज़फ़ायर समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से जहाज़ों के गुज़रने की सीमा रोज़ाना 15 जहाज़ों तक तय की

कारोबारसावधानीपूर्वक निवेश से ठोस संपत्ति की ओर: निश्चित आय वालों का भूखंड की ओर बढ़ता रुझान

भारत अधिक खबरें

भारतपरिसीमन 2026: ‘I-YUVA फॉर्मूला’ के साथ संतुलित लोकतंत्र की नई दिशा

भारतAssembly Elections 2026: असम में 84.42% मतदान दर्ज, केरल, पुडुचेरी में जानें शाम 5 बजे तक मतदान का रुझान

भारतKerala Elections 2026: केरलम में 140 सीटों पर मतदान संपन्न, शाम 5 बजे तक 75% वोटिंग

भारतपिता अजीत पवार की गुलाबी जैकेट पहनकर पार्थ पवार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली, वीडियो

भारतVIDEO: 'क्या आपकी लैंग्वेज अनपार्लियामेंट हो गई है?' ये सवाल पूछे जाने पर हिमंत बिस्वा सरमा ने 'लल्लनटॉप' के रिपोर्टर को झाड़ा, दोनों के बीच हुई बहस