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नागपुरः बाघिन ली ने चार शावक को मार डाला, पैने दांत चूभने से एक और शावक की मौत, जानिए

By फहीम ख़ान | Updated: June 1, 2022 17:38 IST

नागपुर में स्थित गोरेवाडा प्राणी संग्रहालय में ली नामक बाघिन और राजकुमार नामक बाघ को एकसाथ रखा गया था. ली ने मंगलवार की दोपहर 4 बजे के दौरान एक शावक को जन्म दिया.

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ठळक मुद्देपशुचिकित्सक के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम प्राणी संग्रहालय में मौजूद थी.बाघिन ली और राजकुमार नामक बाघ को गोरेवाड़ा प्राणी संग्रहालय में पिछले दो सालों से एकसाथ छोड़ा गया था. विशेषज्ञों के अनुसार बाघों की औसतन आयु 10 से 12 साल होती है.

नागपुर: बालासाहब ठाकरे गोरेवाड़ा अंतरराष्ट्रीय प्राणी संग्रहालय में मंगलवार को ली नामक बाघिन ने दो साल के इंतजार के बाद एक शावक को जन्म दिया. पिछले एक माह से बच्चों का इंतजार कर रहे प्राणी संग्रहालय के अधिकारी भी इससे खुश थे लेकिन इस बच्चे को उठाते समय बाघिन के पैने दांत चूभने से शावक की मौत हो गई.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इसी बाघिन ने अपने तीन शावकों को मार डाला था. नागपुर में स्थित गोरेवाडा प्राणी संग्रहालय में ली नामक बाघिन और राजकुमार नामक बाघ को एकसाथ रखा गया था. ली ने मंगलवार की दोपहर 4 बजे के दौरान एक शावक को जन्म दिया.

जन्म के बाद उस शावक को उसने अपने मुंह में उठाया. लेकिन पैने दांत चूभने की वजह से शावक की मौत हो गई. इस समय प्राणी संग्रहालय के पशुचिकित्सक के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम प्राणी संग्रहालय में मौजूद थी.

राजकुमार के साथ छोड़ा गया था ली को...

बाघिन ली और राजकुमार नामक बाघ को गोरेवाड़ा प्राणी संग्रहालय में पिछले दो सालों से एकसाथ छोड़ा गया था. यह कोशिश की जा रही थी कि दोनों के माध्यम से इस प्राणी संग्रहालय में शावकों की आवाज गूंजने लगे. ली की उम्र करीबन 11 साल है. विशेषज्ञों के अनुसार बाघों की औसतन आयु 10 से 12 साल होती है. पिछले एक माह से ली बाघिन को राजकुमार से अलग रखा गया था. क्योंकि वह गर्भवती हो गई थी.

बच्चों के लिए की गई थी खास तैयारियां

ली बाघिन गर्भवती होने के बाद से ही नागपुर के गोरेवाडा प्राणी संग्रहालय में उसके लिए विशेष व्यवस्था कराई गई थी. जिस पिंजरे में वह रहती थी वहां पर बच्चे के लिए गुफा बनाई गई थी. इसमें रबर की मैट, घास की गद्दी के साथ ही भीषण गर्मी से बचने के लिए कूलर की भी व्यवस्था की गई थी. उस पर नजर रखने के लिए वहां पर विशेष सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे. साथ ही शावकों के संगोपन के लिए विशेष इनक्युबेटर की भी व्यवस्था प्राणिसंग्रहालय में की गई थी.

पहले भी मारा है तीन बच्चों को

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी ली बाघिन को वर्ष 2016 में साहेबराव नामक एक बाघ की वजह से गर्भधारणा हुई थी. उस समय उसने तीन शावकों को जन्म दिया था. लेकिन मातृत्व भावना नहीं होने की वजह से उसने सभी शावकों को मार डाला था.

टॅग्स :नागपुरमहाराष्ट्रचिड़ियाघर
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