नागपुर: गर्मी की छुट्टियां लगते ही मानो समर कैम्प की बाढ़ सी आ जाती है. शहर की ऐसी ही एक मिलिटरी स्कूल में चल रहे समर कैम्प से मध्यप्रदेश के कटंगी से आए दो किशोर अचानक भाग निकले. पुलिस में शिकायत हुई और बाद में पता चला कि 30 किमी दूरी पर एक रिश्तेदार के घर दोनों किशोर पहुंच गए. हालांकि इस पूरे मामले में कैम्प के आयोजक स्कूल प्रबंधन को दो किशोरों के भाग जाने की भनक तक नहीं लगी. अभिभावकों की शिकायत पर मामला उजागर हुआ. हालांकि अंत में दोनों सुरक्षित मिल गए, लेकिन कैम्प के आयोजकों की लापरवाही पर सवाल उठ रहे है.
शहर के कोराडी परिसर में स्थित भोसला मिलिटरी स्कूल ने 10 दिनों का समर कैम्प लगाया है. इसमें करीबन 170 बच्चे हिस्सा ले रहे है. निवासी कैम्प होने से राज्य के बाहर से भी बच्चों ने इसमें हिस्सा लिया है. मध्यप्रदेश के कटंगी के रहने वाले आदित्य अग्रवाल (12 वर्ष), राघव अग्रवाल (12 वर्ष), जीत अग्रवाल (10 वर्ष) और विराट अग्रवाल (10 वर्ष) भी इस कैम्प में शामिल हुए. शुक्रवार को इत चारों ने कैम्प में रिपोर्टिंग की. लेकिन रविवार को अचानक जीत और विराट कैम्प से भाग खड़े हुए.
दोनों के कैम्प से भागने की भनक तक आयोजकों को नहीं लगी. इसी बीच शाम 5 बजे के दौरान दोनों शहर के एचबी टाउन, पारडी में रहने वाली अनुज अग्रवाल की रिश्तेदार के घर पहुंच गए. उन्होंने ही अनुज अग्रवाल को इसकी जानकारी दी. दो बच्चे निवासी कैम्प से भागकर 30 किमी दूरी पर पहुंच गए लेकिन आयोजकों से कोई जानकारी नहीं मिलने से खफा होकर अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से बात की. तो उन्हें बताया गया कि बच्चे कैम्प में ही है, थोड़ी देर में बात कराते है.
पता ही नहीं चला बच्चे भाग गए
जब कटंगी में रहने वाले अभिभावकों ने अपने बच्चों से बात करने के लिए आयोजकों पर दबाव बनाया तो संबंधित टीचर बताने लगे कि वे स्कूल में नहीं है, प्रिंसिपल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे पुणे में है. पुलिस में शिकायत दर्ज कर जब मौके पर पुलिस को बुलाया गया तब जाकर आयोजकों को यह पता चला कि दो बच्चे कैम्प से गायब है.
आयोजक गैरजिम्मेदार
हमने अपने चार बच्चों को कटंगी से इतनी दूर लाकर निवासी कैम्प में आयोजकों की जिम्मेदारी पर छोड़ा था. उन्हें बच्चों के बारे में जानकारी तो होनी ही चाहिए थी. लेकिन आयोजक यह कह रहे है कि फॉर्म में पहले ही लिखा है कि बच्चों की जिम्मेदारी अभिभावकों पर होगी. ऐसे कैसे हो सकता है कि हम 150 किमी दूरी से बच्चों पर नजर रखें, जबकि निवासी कैम्प होने की वजह से आयाेजकों को बच्चों पर नजर रखनी चाहिए थी.