कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में आयोजित दही-चूड़ा के भोज से गायब रहे विधायक, खरमास बाद पार्टी टूटने की अटकलें

By एस पी सिन्हा | Updated: January 12, 2026 17:36 IST2026-01-12T17:36:09+5:302026-01-12T17:36:15+5:30

सदाकत आश्रम में आयोजित दही चूड़ा भोज के लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आमंत्रण दिया गया था। लेकिन पार्टी के 6 विधायक दही चूड़ा भोज में शामिल नहीं हुए। 

MLAs were absent from the Dahi-Chura feast organized at the Congress state office, fueling speculation of a party split after the end of Kharmas | कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में आयोजित दही-चूड़ा के भोज से गायब रहे विधायक, खरमास बाद पार्टी टूटने की अटकलें

कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में आयोजित दही-चूड़ा के भोज से गायब रहे विधायक, खरमास बाद पार्टी टूटने की अटकलें

पटना: मकर संक्रांति के पहले कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया था। लेकिन, इस भोज में महागठबंधन के किसी भी घटक दल को न्योता नहीं दिया गया था। सबसे दिलचस्प तो यह रहा कि कांग्रेस के ही विधायक ही दही-चूड़ा के भोज से नदारद रहे। एक-दो पूर्व विधायकों की मौजदूगी रही। ऐसे में कयासों का सिलसिला तेज हो गया है कि क्या बिहार कांग्रेस में टूट होने वाला है? सदाकत आश्रम में आयोजित दही चूड़ा भोज के लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आमंत्रण दिया गया था। लेकिन पार्टी के 6 विधायक दही चूड़ा भोज में शामिल नहीं हुए। 

प्राप्त जानकारी अनुसार दही-चूड़ा भोज में कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। दही-चूड़ा भोज में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह मकर संक्रांति पर हर वर्ष मनाई जाने वाली परंपरा है। प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए आपसी मिलना-जुलना भी हो गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन करती है। उन्होंने प्रदेश की जनता को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करना जरूरी है तथा नफरत के माहौल को खत्म किया जाना चाहिए। 

उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा समेत जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में व्यापक अभियान चला रही है। वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने पार्टी को लेकर कहा कि दही-चूड़ा भोज के बाद पार्टी और संगठन को मजबूत करने के लिए नए निर्णय लेंगे। जब पत्रकारों की तरफ से सवाल किया गया कि घटक दलों को न्योता नहीं दिया गया और कोई विधायक भी शामिल नहीं हुए। इसपर वे गोल-मटोल जवाब देते दिखे। 

इतना ही नहीं, उन्होंने सीधा भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया। राजेश राम ने कहा कि ऐसे मौके पर राजनीति नहीं होती। धर्म के आधार पर सियासत भाजपा करती है। कांग्रेस कभी भी धर्म को लेकर राजनीति नहीं करती है। उधर, बिहार की सियासत में खरमास बाद बड़ा उलटफेर होने की चर्चा तेज हो गई है। बता दें कि कांग्रेस के विधायक लगातार पार्टी से दूरी बनाए हुए हैं। कांग्रेस विधायक में टूट की चर्चा अब तेज हो गई है।

Web Title: MLAs were absent from the Dahi-Chura feast organized at the Congress state office, fueling speculation of a party split after the end of Kharmas

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