लाइव न्यूज़ :

महिलाओं की कानूनी विवाह आयु 18 से 21 वर्ष होगी, प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी, कानून में जल्द संशोधन करेगी सरकार

By विशाल कुमार | Updated: December 16, 2021 09:53 IST

कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 में एक संशोधन पेश करेगी और इसके परिणामस्वरूप विशेष विवाह अधिनियम और व्यक्तिगत कानूनों जैसे हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 में संशोधन लाएगी।

Open in App
ठळक मुद्देमहिलाओं की विवाह की कानूनी आयु पुरुषों के समान 18 से 21 वर्ष तक बढ़ाने का प्रस्ताव पारित।कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 में एक संशोधन पेश करेगी।यह मंजूरी दिसंबर 2020 में केंद्र की टास्क फोर्स द्वारा नीति आयोग को सौंपी गई सिफारिशों पर आधारित है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2020 के अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन के दौरान योजना की घोषणा करने के एक साल से अधिक समय बाद, केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को महिलाओं के लिए विवाह की कानूनी आयु पुरुषों के समान करके 18 से 21 वर्ष तक बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 में एक संशोधन पेश करेगी और इसके परिणामस्वरूप विशेष विवाह अधिनियम और व्यक्तिगत कानूनों जैसे हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 में संशोधन लाएगी।

बुधवार की मंजूरी दिसंबर 2020 में जया जेटली की अध्यक्षता वाली केंद्र की टास्क फोर्स द्वारा नीति आयोग को सौंपी गई सिफारिशों पर आधारित है, जिसका गठन “मातृत्व की उम्र से संबंधित मामलों, एमएमआर (मातृ मृत्यु दर) को कम करने की अनिवार्यता, पोषण में सुधार और स्तर और संबंधित मुद्दे ” से संबंधित मामलों की जांच के लिए किया गया था।

जेटली ने कहा: “मैं साफ करना चाहती हूं कि सिफारिश के पीछे हमारा तर्क कभी भी जनसंख्या नियंत्रण का नहीं था। एनएफएचएस-5 (राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण) द्वारा जारी हालिया आंकड़ों ने पहले ही दिखाया है कि कुल प्रजनन दर घट रही है और जनसंख्या नियंत्रण में है। इसके पीछे का विचार (सिफारिश) महिलाओं का सशक्तिकरण है।

समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जेटली ने कहा कि टास्क फोर्स की सिफारिश विशेषज्ञों के साथ व्यापक परामर्श के बाद खासकर युवाओं, विशेष रूप से युवा महिलाओं के साथ चर्चा के बाद की गई, क्योंकि निर्णय सीधे उन्हें प्रभावित करता है।

हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 5 (iii) दुल्हन के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और दूल्हे के लिए 21 वर्ष निर्धारित करती है। विशेष विवाह अधिनियम, 1954 और बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 भी क्रमशः महिलाओं और पुरुषों के लिए विवाह के लिए सहमति की न्यूनतम आयु के रूप में 18 और 21 वर्ष निर्धारित करते हैं।

टॅग्स :मोदी सरकारमहिलाकेंद्रीय मंत्रिमंडल
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्ट'मैं कसूरवार हूं', बच्चे की मौत का गम नहीं सह पाई मां, टेक-सिटी बेंगलुरु में महिला इंजीनियर ने की खुदखुशी

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारतऊर्जा संकट में भी आत्मविश्वास कायम रहने का क्या है राज ?

भारतBihar News: राज्य अधिकारियों ने दिया अपनी संपत्ति का ब्योरा, जानें सबसे ज्यादा अमीर कौन?

कारोबारNew Labour Code: नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खबर, 1 अप्रैल से लागू हुए नए नियम, ओवरटाइम और PF में हुए ये बदलाव

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?