लाइव न्यूज़ :

आतंकी हमला, असम राइफल्स के सीओ सहित 4 जवान शहीद, कर्नल की पत्नी और बेटे की मौत, पीएम ने कहा-बलिदान को भुलाया नहीं जाएगा

By सतीश कुमार सिंह | Updated: November 13, 2021 19:06 IST

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस घटना की निंदा की। घटना उस समय हुई, जब कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी म्यांमार सीमा पर अपनी एक कोय चौकी से लौट रहे थे।

Open in App
ठळक मुद्देअभी तक किसी आतंकवादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।राज्य बल और अर्धसैनिक बल पहले से ही उग्रवादियों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं।

इंफालः मणिपुर के चुराचांदपुर में शनिवार को हुए हमले में असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) और 5 जवान शहीद हुए हैं। इस हमले में उनकी पत्नी और आठ साल का बेटा भी मारे गए। कर्नल विप्लव त्रिपाठी 46वीं असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) थे।

अधिकारियों ने बताया कि चुराचांदपुर जिले के सेहकन गांव में त्रिपाठी के काफिले को निशाना बनाया गया। अलग ‘होमलैंड’ की मांग करने वाले मणिपुर के उग्रवादी संगठन ‘पीपुल्स रेवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कंगलीपक’ (पीआरईपीएके) को इस हमले का जिम्मेदार माना जा रहा है। इस हमले में ‘आईईडी’ विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया।

असम राइफल्स की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, “उग्रवादियों (संदिग्ध पीआरईपीएके/पीएलए) के हमले में कमांडिंग अफसर और त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) के तीन कर्मियों की मौके पर ही जान चली गई। कमांडिंग अफसर के परिवार (पत्नी और छह वर्षीय बेटे) की भी मौत हो गई। अन्य घायल कर्मियों को बहियंगा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मणिपुर में असम राइफल्स के काफिले पर हमले की कड़ी निंदा करता हूं, उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि देहेंग क्षेत्र से करीब तीन किलोमीटर दूर घात लगाकर किए गए इस हमले में चार अन्य लोग घायल हो गए।

हालांकि, रक्षा मंत्री राजनाथ मंत्री ने संकेत दिया कि बल के एक और कर्मी की मौत हुई। रक्षा मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘मणिपुर के चुराचांदपुर में असम राइफल्स के काफिले पर कायराना हमला बेहद दुखद और निंदनीय है। देश ने 46वीं असम राइफल्स के सीओ सहित पांच बहादुर सैनिकों और उनके परिवार के दो सदस्यों को खो दिया है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं।

दोषियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।’’ सिंह के ट्वीट से एक और कर्मी की मौत होने का संकेत मिला लेकिन असम राइफल्स ने तात्कालिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है। कर्नल त्रिपाठी ने पहले मिजोरम में सेवा दी थी और जुलाई 2021 में मणिपुर में उनका स्थानांतरण हो गया था। असम राइफल्स की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस हमले के पीछे पीआरईपीएके समूह के होने का शक है क्योंकि 12/13 नवंबर को इस संगठन का स्मरण दिवस है।

देश ने 46वीं असम राइफल्स के सीओ सहित 6 बहादुर सैनिकों और उनके परिवार के दो सदस्यों को खो दिया है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। दोषियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।’’

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि राज्य के सुरक्षा बल और अर्द्धसैन्य बल पहले से ही उग्रवादियों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर कहा, ‘‘हमलावरों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।’ अभी तक किसी उग्रवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। घटना उस समय हुई जब कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी म्यांमार सीमा पर अपनी एक कोय चौकी से लौट रहे थे। 

टॅग्स :मणिपुरअसमAssam Riflesराजनाथ सिंह
Open in App

संबंधित खबरें

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतIndian Navy Warship INS Taragiri: समंदर तूफान में INS तारागिरी, ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल से लैस, जानें खासियत

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

भारतBJP's Assam Manifesto: भाजपा ने असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने और "लव जिहाद" को खत्म करने का वादा किया

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं